रायपुर। छत्तीसगढ़ में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए पक्के घर का सपना जल्द ही साकार होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत राज्य के लिए 435 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता स्वीकृत की है। इस राशि से प्रदेश में 28,461 नए पक्के मकानों का निर्माण किया जाएगा, जिससे हजारों आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित और स्थायी आवास मिल सकेगा। यह निर्णय केंद्रीय स्तर पर हुई बैठक में लिया गया और इससे राज्य के शहरी विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
पीएम आवास योजना से मिलेगा ‘सबके लिए घर’ का सपना
प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और जरूरतमंद परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना के माध्यम से सरकार देशभर में “हाउसिंग फॉर ऑल” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।
छत्तीसगढ़ को मिली नई मंजूरी के बाद राज्य में आवास निर्माण का दायरा और बढ़ेगा। योजना के तहत स्वीकृत नए मकान शहरी गरीब परिवारों के लिए बनाए जाएंगे, ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें।
28,461 नए मकानों के लिए 435 करोड़ की सहायता
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की केंद्रीय स्वीकृति और निगरानी समिति की बैठक में छत्तीसगढ़ द्वारा प्रस्तुत आवास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इस बैठक में राज्य सरकार के प्रस्तावों पर विचार करते हुए 263 आवास परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई।
इन परियोजनाओं के तहत प्रदेश के विभिन्न शहरों और नगर निकायों में 28,461 नए पक्के मकानों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 435 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
यह राशि चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी और निर्माण कार्य की प्रगति के आधार पर लाभार्थियों को सहायता प्रदान की जाएगी।
गरीब परिवारों को मिलेगा स्थायी आवास
राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से हजारों ऐसे परिवारों को लाभ मिलेगा जो लंबे समय से कच्चे मकानों या अस्थायी घरों में रहने को मजबूर हैं।
पक्के घर मिलने से इन परिवारों को केवल आवास ही नहीं, बल्कि बेहतर जीवन स्तर, स्वास्थ्य और सुरक्षा भी मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले हर जरूरतमंद परिवार को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में तेज हुआ आवास निर्माण
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
राज्य सरकार के अनुसार आवास निर्माण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए अधिकारियों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि लाभार्थियों का चयन सही तरीके से हो और किसी प्रकार की अनियमितता न हो।
शहरी विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले नए मकान केवल आवासीय सुविधा ही नहीं देंगे, बल्कि शहरों के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करेंगे।
नई आवासीय कॉलोनियों के साथ सड़क, बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं का विकास भी होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और निर्माण कार्य से जुड़े कई लोगों को काम मिलेगा।
राज्य में पहले भी बना आवास निर्माण का रिकॉर्ड
छत्तीसगढ़ पहले भी प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए देशभर में चर्चा में रहा है। राज्य ने कम समय में बड़ी संख्या में पक्के मकानों का निर्माण कर राष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड भी बनाया है।
सरकार का दावा है कि लगातार प्रयासों के कारण हजारों परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए गए हैं और आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी।