ज़मीन से जुड़ी पत्रकारिता।
छत्तीसगढ़ की सबसे तेज़ लोकल न्यूज़ डेस्क — तथ्य पहले, शोर बाद में।

Breaking
ताज़ा खबर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ की तीनों विद्युत कंपनियों (जनरेशन, ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन) में रिक्त पदों को भरने के लिए 1501 पदों पर स ताज़ा खबर: मारूति फाउंडेशन व हेरिटेज इंडिया द्वारा आयोजित ‘टैलेंट 2.0’ में दिव्यांग और सामान्य बच्चों ने बिखेरी प्रतिभा, समाजसेवियों का हुआ सम्मान ताज़ा खबर: स्वर्गीय अजय निहलानी मेमोरियल टेनिस टूर्नामेंट का समापन, मुख्य अतिथि नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव और छत्तीसगढ़ टेनिस संघ महासचिव गुरुचरण सिंह होरा ने विजेताओं क ताज़ा खबर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में जारी किया 200 रूपए का स्मारक सिक्का, संत डॉ. युधिष्ठिर लाल जी महाराज और छत्तीसगढ़ टेनिस संघ के ताज़ा खबर: बी.टी.आई. मैदान में भव्य आतिशबाजी के साथ हुआ रावण दहन, खम्हारडीह के 78वें दशहरा उत्सव में उमड़ा जनसैलाब ताज़ा खबर: माना कैंप में पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बना भव्य दुर्गा पंडाल, ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुचरण सिंह होरा ने किए मां के दर्शन, प्रदेशवासियों को दी शुभकामन
Sun, 8 Nov 2026
VastuGuruji.com - Authentic Vastu Products & Consultation
Chhattisgarh

​रायपुर : बसंती नाग बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल: ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत चूजा पालन से संवर रही आजीविका

प्रतिमाह 14-15 हजार रुपये की हो रही आमदनी छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाए जा रहे आजीविका संवर्धन

इस खबर की वेब स्टोरी देखें
अक्षर आकार

Fallback voice mode (browser TTS).

Author: Dipti Das Published: 24 Sep 2026, 3:47 PM Updated: 24 Sep 2026, 3:53 PM Views: 0
X

प्रतिमाह 14-15 हजार रुपये की हो रही आमदनी

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाए जा रहे आजीविका संवर्धन प्रयासों के जमीनी स्तर पर सकारात्मक और दूरगामी परिणाम सामने आ रहे हैं। राज्य शासन द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों और 'सेवा संकल्प अभियान' के माध्यम से नारायणपुर जिले के वनांचल क्षेत्र की महिलाएं अब स्वरोजगार अपनाकर अपनी तकदीर खुद लिख रही हैं।

       इसी कड़ी में विकासखंड नारायणपुर के ग्राम पंचायत बेनूर की निवासी श्रीमती बसंती नाग ने इच्छाशक्ति और लगन की एक अनूठी मिसाल पेश की है। बसंती नाग स्थानीय 'रिद्धी सिद्धी स्व-सहायता समूह' की एक सक्रिय सदस्य हैं। समूह की बैठकों के दौरान उन्हें IFC परियोजना के तहत चलाए जा रहे चूजा पालन गतिविधि की विस्तृत जानकारी मिली। आजीविका को नई दिशा देने की सोच के साथ उन्होंने इस दिशा में कदम बढ़ाने का संकल्प लिया।

मात्र 2,700 रुपये के शुरुआती निवेश से की शुरुआत

       आईएफसी ​ परियोजना के तकनीकी और व्यावहारिक सहयोग से बसंती दीदी ने शुरुआत में 30 दिन के 30 चूजे 90 रुपये प्रति चूजा की दर से खरीदे। इसमें उनका कुल 2,700 रुपये का शुरुआती खर्च आया। उन्होंने चूजों के नियमित दाना-पानी, टीकाकरण और उचित देख-रेख पर विशेष ध्यान दिया। उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई और पहली ही बार में बेहतर प्रबंधन से उन्होंने लगभग 500 से 600 चूजों का सफल उत्पादन एवं विक्रय किया।

14 से 15 हजार रुपये की अतिरिक्त आय

       ​चूजों के विक्रय से उन्हें लगभग 14 से 15 हजार रुपये की मासिक आमदनी हुई। इस अतिरिक्त आय ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान की, बल्कि उनमें खुद के व्यवसाय को और आगे बढ़ाने का अटूट आत्मविश्वास भी जगाया।श्रीमती बसंती नाग ने कहा कि ​स्व-सहायता समूह से जुड़ने और IFC परियोजना के मार्गदर्शन से मुझे अपने पैरों पर खड़े होने का नया अवसर मिला है। अब मैं दोबारा बड़े पैमाने पर चूजा पालन कर रही हूँ ताकि अपनी आय को और बढ़ा सकूँ।

ग्रामीण महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

        ​बसंती नाग की यह सफलता दर्शाती है कि यदि ग्रामीण महिलाओं को सही मार्गदर्शन, संस्थागत सहयोग और अवसर मिले, तो वे न सिर्फ अपने घर की दहलीज लांघकर आर्थिक रूप से सक्षम बन सकती हैं, बल्कि समाज के लिए भी एक मिसाल पेश कर सकती हैं। आज बेनूर गाँव की अन्य महिलाएं भी उनके इस प्रयास से प्रेरित होकर स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका के नए साधनों को अपनाने के लिए आगे आ रही हैं।

स्रोत: जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़ शासन

Sponsored · VastuGuruji

ख़रीदें — आपके लिए चुनिंदा वास्तु उपाय

Dipti Das

Dipti Das

दिप्ति दास VG खबर की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

Published: 121 | Total Views: 360

View Profile