रायपुर। रेल यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों में अनुशासन बनाए रखने के लिए रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी ने नई पहल शुरू की है। अब ट्रेन में शराब पीकर चढ़ने वाले यात्रियों पर सख्ती की जाएगी। इसके लिए जीआरपी (Government Railway Police) ब्रीथ एनालाइजर मशीन का उपयोग कर यात्रियों की जांच करेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य ट्रेनों में होने वाली अव्यवस्था, झगड़े और अन्य आपराधिक घटनाओं को रोकना है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार कई बार शराब के नशे में यात्री ट्रेन में चढ़कर अन्य यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं और विवाद की स्थिति पैदा कर देते हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।
ब्रीथ एनालाइजर मशीन से होगी जांच
जीआरपी अब ब्रीथ एनालाइजर मशीन की मदद से संदिग्ध यात्रियों की जांच करेगी। यह वही तकनीक है जिसका उपयोग आमतौर पर सड़क पर वाहन चलाते समय शराब पीने की जांच के लिए किया जाता है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी यात्री के शराब के नशे में होने की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर ऐसे यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने से भी रोका जा सकता है।
इस कदम से रेलवे स्टेशनों पर अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी और यात्रियों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा।
नशे में यात्रियों से बढ़ती हैं समस्याएं
रेलवे प्रशासन के अनुसार कई बार ट्रेन में शराब के नशे में चढ़ने वाले यात्रियों के कारण अन्य यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नशे की हालत में कुछ लोग झगड़ा, अभद्र व्यवहार या सीट को लेकर विवाद करने लगते हैं।
इसके अलावा कई मामलों में यात्रियों के बीच मारपीट और हंगामा भी देखने को मिलता है। ऐसी घटनाएं न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बनती हैं, बल्कि ट्रेन संचालन और व्यवस्था को भी प्रभावित करती हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए जीआरपी ने अब सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।
स्टेशनों पर बढ़ाई जाएगी निगरानी
रेलवे स्टेशनों पर अब सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल के जवान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
यदि किसी यात्री के व्यवहार से नशे की आशंका होती है, तो तुरंत ब्रीथ एनालाइजर मशीन से उसकी जांच की जाएगी। इसके अलावा स्टेशनों पर गश्त और जांच अभियान भी बढ़ाए जाएंगे।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण यात्रा का अनुभव देना है।
यात्रियों से नियमों का पालन करने की अपील
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें और जिम्मेदारी से व्यवहार करें। ट्रेन और रेलवे स्टेशन सार्वजनिक स्थान हैं, जहां अनुशासन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई यात्री शराब के नशे में पाया जाता है और अन्य यात्रियों को परेशान करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा की दिशा में कदम
रेलवे द्वारा उठाया गया यह कदम ट्रेनों में अनुशासन और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ब्रीथ एनालाइजर मशीन के उपयोग से नशे में यात्रा करने वाले लोगों की पहचान आसानी से हो सकेगी।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से ट्रेनों में होने वाले विवाद और अव्यवस्था की घटनाओं में कमी आएगी और यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा।