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Chhattisgarh

“TET अनिवार्यता के विरोध में दिल्ली प्रदर्शन”

“TET अनिवार्यता के विरोध में 4 अप्रैल को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ से 25 हजार शिक्षक शामिल होने की तैयारी।”

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Author: Simran Published: 16 Mar 2026, 5:19 PM Updated: 14 May 2026, 1:12 PM Views: 70
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रायपुर। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के विरोध में देशभर के शिक्षक संगठनों ने बड़ा आंदोलन करने का फैसला किया है। इसी कड़ी में 4 अप्रैल को दिल्ली में विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल होंगे।

जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ से करीब 25 हजार शिक्षक इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे हैं। शिक्षक संगठनों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए TET को अनिवार्य बनाना उचित नहीं है और इससे हजारों शिक्षकों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।

दिल्ली में होगा राष्ट्रीय स्तर का प्रदर्शन

शिक्षक संगठनों द्वारा आयोजित यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर का होगा। इसमें विभिन्न राज्यों के शिक्षक संगठन और कर्मचारी प्रतिनिधि शामिल होंगे।

4 अप्रैल को दिल्ली में होने वाले इस प्रदर्शन में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित कई राज्यों के शिक्षक बड़ी संख्या में पहुंचेंगे।

आंदोलन का मुख्य उद्देश्य सरकार तक अपनी मांगों को पहुंचाना और TET अनिवार्यता के फैसले पर पुनर्विचार की मांग करना है।

छत्तीसगढ़ से 25 हजार शिक्षकों की भागीदारी

छत्तीसगढ़ के शिक्षक संगठनों ने भी इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी का ऐलान किया है।

बताया जा रहा है कि राज्य के विभिन्न जिलों से करीब 25 हजार शिक्षक दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होंगे। इसके लिए अलग-अलग जिलों में बैठकों और तैयारियों का दौर शुरू हो गया है।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और भी तेज किया जा सकता है।

TET अनिवार्यता पर शिक्षकों की आपत्ति

शिक्षकों का कहना है कि कई शिक्षक लंबे समय से सेवा दे रहे हैं और उन्होंने वर्षों तक शिक्षा व्यवस्था में योगदान दिया है।

ऐसे में सेवा के बीच में TET को अनिवार्य करना उनके लिए मुश्किल स्थिति पैदा कर सकता है।

शिक्षक संगठनों का मानना है कि अनुभवी शिक्षकों के लिए अलग व्यवस्था या छूट दी जानी चाहिए।

सरकार से मांगों पर विचार करने की अपील

शिक्षक संगठनों ने सरकार से अपील की है कि वह शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से समझे और TET अनिवार्यता के फैसले पर पुनर्विचार करे।

संगठनों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों का मनोबल बनाए रखना भी जरूरी है।

इसलिए सरकार को ऐसा समाधान निकालना चाहिए जिससे शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था दोनों का हित सुरक्षित रह सके।

आंदोलन की तैयारियां तेज

दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में तैयारियां तेज हो गई हैं।

शिक्षक संगठन लगातार बैठकें कर रहे हैं और प्रदर्शन में अधिक से अधिक शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं।

इसके साथ ही विभिन्न जिलों से दिल्ली जाने की व्यवस्था भी की जा रही है।

शिक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस मुद्दे पर जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

शिक्षक संगठनों और सरकार के बीच संवाद से ही इस विवाद का समाधान संभव है।

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Simran

Simran is a passionate journalist who reports on politics, public policy, and social issues. Her work focuses on delivering reliable news, in-depth insights, and timely updates to readers.

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