वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी दिखने लगा है। राशन दुकानों में केरोसिन की आपूर्ति प्रभावित हो गई है, जिससे कई जिलों में अब तक केरोसिन नहीं पहुंच पाया है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल प्रति कार्डधारी दो लीटर केरोसिन वितरण का आदेश जारी किया है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, आपूर्ति में देरी और ईंधन संकट के कारण वितरण प्रभावित हुआ है। इस निर्णय का उद्देश्य उपलब्ध स्टॉक को अधिक से अधिक लाभार्थियों तक पहुंचाना है।
कई राशन दुकानों में खत्म हुआ स्टॉक
राज्य के कई जिलों में राशन दुकानों में केरोसिन का स्टॉक समाप्त होने की स्थिति सामने आई है। दुकानदारों का कहना है कि पिछले महीने की आपूर्ति के बाद नई खेप अब तक नहीं पहुंची है।
छत्तीसगढ़ के कई ग्रामीण इलाकों में केरोसिन पर निर्भर परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां अभी भी गैस सिलेंडर की पहुंच सीमित है, वहां केरोसिन की कमी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
राशन दुकानदारों ने बताया कि उपभोक्ता लगातार पूछताछ कर रहे हैं, लेकिन आपूर्ति नहीं होने के कारण वितरण संभव नहीं हो पा रहा है।
दो लीटर प्रति कार्ड वितरण का आदेश
स्थिति को देखते हुए खाद्य विभाग ने सीमित वितरण का आदेश जारी किया है। उपलब्ध स्टॉक के आधार पर प्रति राशन कार्ड दो लीटर केरोसिन देने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही नई खेप पहुंचेगी, वितरण बढ़ाया जाएगा। फिलहाल प्राथमिकता यह है कि अधिक से अधिक परिवारों को न्यूनतम जरूरत के अनुसार केरोसिन उपलब्ध कराया जाए।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी राशन दुकानों को निर्देश जारी करते हुए पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने को कहा है।
युद्ध और वैश्विक बाजार का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी युद्ध और तेल आपूर्ति में बाधा के कारण ईंधन संकट पैदा हुआ है। इसका असर केरोसिन की उपलब्धता पर भी पड़ा है।
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण तेल कंपनियों की सप्लाई प्रभावित हुई है। इससे राज्य स्तर पर भी वितरण में देरी हो रही है।
अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अस्थायी है और जल्द ही आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी परेशानी
ग्रामीण इलाकों में केरोसिन की कमी का ज्यादा असर देखा जा रहा है। कई परिवार अभी भी खाना बनाने और रोशनी के लिए केरोसिन पर निर्भर हैं।
लोगों का कहना है कि सीमित वितरण से उनकी जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है। कुछ स्थानों पर लोगों ने जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग भी की है।
राशन दुकानदारों की भी बढ़ी चिंता
राशन दुकानदारों ने बताया कि स्टॉक नहीं होने से उपभोक्ताओं को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। कई दुकानदारों ने प्रशासन से जल्द आपूर्ति भेजने की मांग की है।
उनका कहना है कि सीमित स्टॉक में वितरण करना भी चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि सभी उपभोक्ताओं को संतुष्ट करना कठिन हो रहा है।
प्रशासन ने दिए निर्देश
अधिकारियों ने राशन दुकानों को निम्न निर्देश दिए हैं:
- प्रति कार्ड केवल दो लीटर केरोसिन दें
- वितरण में पारदर्शिता बनाए रखें
- स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से दें
- किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करें
प्रशासन ने कहा है कि आदेश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।
जल्द सामान्य होगी स्थिति
अधिकारियों का कहना है कि नई आपूर्ति जल्द आने की संभावना है। जैसे ही केरोसिन की नई खेप पहुंचेगी, वितरण बढ़ाया जाएगा।
भारत पेट्रोलियम और अन्य तेल कंपनियों से सप्लाई की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
उपभोक्ताओं से अपील
प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और जरूरत के अनुसार ही केरोसिन लें। इससे सभी परिवारों को न्यूनतम मात्रा मिल सकेगी।
बढ़ती महंगाई के बीच नई चुनौती
पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों के लिए केरोसिन की कमी नई चुनौती बनकर सामने आई है। सीमित वितरण से लोगों की चिंता बढ़ गई है, हालांकि प्रशासन ने जल्द स्थिति सामान्य होने का भरोसा दिलाया है।