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24 घंटे में 265 मिमी बारिश: मुंबई पानी-पानी, BMC ने स्कूलों में घोषित की छुट्टी

मुंबई, भारत की वित्तीय राजधानी, एक बार फिर भारी मानसूनी बारिश की चपेट में आ गई है। पिछले 24 घंटों में शहर में 265 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजी…

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Author: Jagraj Published: 6 Jul 2026, 1:47 PM Views: 0
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मुंबई, भारत की वित्तीय राजधानी, एक बार फिर भारी मानसूनी बारिश की चपेट में आ गई है। पिछले 24 घंटों में शहर में 265 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है, सड़कों पर जलजमाव की स्थिति है और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

Photo: Dibakar Roy / Pexels

बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी है। यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें जलभराव वाले क्षेत्रों से गुजरने के जोखिम से बचाने के लिए लिया गया है। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को घर पर ही रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

शहर में जलभराव और यातायात पर असर

मुंबई के सायन, हिंदमाता, अंधेरी सबवे और मलाड जैसे कई प्रमुख क्षेत्रों में घुटनों तक पानी भर गया है। सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। लोकल ट्रेन सेवाएं, जो मुंबई की जीवनरेखा मानी जाती हैं, भी कुछ मार्गों पर देरी से चल रही हैं या अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं, जिससे लाखों दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Photo: Dibakar Roy / Pexels

यह स्थिति हर साल मानसून के दौरान मुंबई के लिए एक सामान्य चुनौती बन गई है। शहर की पुरानी जल निकासी व्यवस्था, अनियोजित शहरीकरण और लगातार अतिक्रमण के कारण थोड़ी सी भी भारी बारिश में शहर की सड़कें नदियों में तब्दील हो जाती हैं। BMC और अन्य संबंधित एजेंसियां जल निकासी पंपों को सक्रिय करने और पानी निकालने के लिए लगातार काम कर रही हैं, लेकिन बारिश की तीव्रता इतनी अधिक है कि स्थिति को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है।

मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों में और अधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

Photo: Dibakar Roy / Pexels

नागरिकों के लिए सलाह और बचाव के उपाय

BMC ने नागरिकों से अपील की है कि वे घर के अंदर रहें और केवल आपातकालीन स्थिति में ही बाहर निकलें। बिजली के खंभों और खुले तारों से दूर रहने की भी सलाह दी गई है, क्योंकि जलभराव वाले क्षेत्रों में करंट लगने का खतरा बढ़ जाता है। आपातकालीन सेवाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं ताकि लोग किसी भी समस्या या सहायता के लिए संपर्क कर सकें।

सोशल मीडिया पर भी मुंबई के विभिन्न हिस्सों से जलभराव की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जो स्थिति की भयावहता को दर्शाते हैं। लोग एक-दूसरे को सुरक्षित रहने और मदद करने के संदेश साझा कर रहे हैं।

यह मानसून मुंबई के लिए एक बार फिर कठोर परीक्षा लेकर आया है। प्रशासन और नागरिक दोनों ही इस चुनौती का सामना करने के लिए एकजुटता दिखा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही बारिश की तीव्रता कम होगी और शहर सामान्य स्थिति में लौट पाएगा।

हालांकि, यह घटना शहरी नियोजन और बुनियादी ढांचे में सुधार की तत्काल आवश्यकता को उजागर करती है ताकि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बेहतर ढंग से निपटा जा सके। जल निकासी प्रणालियों का आधुनिकीकरण और अतिक्रमण हटाना दीर्घकालिक समाधान के लिए महत्वपूर्ण कदम होंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण चरम मौसमी घटनाएं बढ़ रही हैं, और मुंबई जैसे तटीय शहरों को इन परिवर्तनों के अनुकूल होने के लिए अपनी तैयारी को मजबूत करना होगा।

BMC के अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और आवश्यक कदम उठा रहे हैं। एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आवश्यक सेवाओं, जैसे कि अस्पताल और बिजली आपूर्ति, पर कम से कम प्रभाव पड़े। शहर के विभिन्न हिस्सों में फंसे लोगों को निकालने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

कुल मिलाकर, मुंबई एक बार फिर मानसून की मार झेल रहा है, और शहर के लोग इस प्राकृतिक चुनौती का सामना करने के लिए अपनी दृढ़ता दिखा रहे हैं।

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Staff Reporter at VG Khabar.

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