📖 VG Khabar
छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई निजी स्कूल आरटीई के तहत पात्र बच्चों को प्रवेश देने से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे मामलों में संबंधित स्कूल की मान्यता तक रद्द की जा सकती है। इस फैसले का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करना है।
आरटीई के तहत प्रवेश देना अनिवार्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आरटीई अधिनियम के तहत निजी स्कूलों को आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखना अनिवार्य है।
यदि कोई स्कूल इस नियम का पालन नहीं करता या पात्र बच्चों को प्रवेश देने में टालमटोल करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।