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आरटीई नियमों पर सरकार की सख्ती बढ़ी

छत्तीसगढ़ सरकार आरटीई नियमों को लेकर सख्त। प्रवेश न देने वाले निजी स्कूलों की मान्यता रद्द करने की चेतावनी, 25% सीट आरक्षण अनिवार्य।

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Author: Heshma Published: 7 Apr 2026, 6:42 PM Updated: 27 Jun 2026, 7:20 AM Views: 83
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छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई निजी स्कूल आरटीई के तहत पात्र बच्चों को प्रवेश देने से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित स्कूल की मान्यता तक रद्द की जा सकती है। इस फैसले का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करना है।

आरटीई के तहत प्रवेश देना अनिवार्य

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आरटीई अधिनियम के तहत निजी स्कूलों को आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखना अनिवार्य है।

यदि कोई स्कूल इस नियम का पालन नहीं करता या पात्र बच्चों को प्रवेश देने में टालमटोल करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई

राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आरटीई नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों को पहले नोटिस जारी किया जाएगा। यदि इसके बाद भी स्कूल नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो उनकी मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

शिक्षा विभाग का कहना है कि इस संबंध में जिला स्तर पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और शिकायत मिलने पर तुरंत जांच की जाएगी।

कमजोर वर्ग के बच्चों को मिलेगा लाभ

सरकार का मानना है कि इस सख्ती से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिल सकेंगे।

आरटीई अधिनियम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज के हर वर्ग के बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सके।

अभिभावकों से शिकायत दर्ज कराने की अपील

शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि किसी स्कूल में आरटीई के तहत प्रवेश देने में समस्या आती है, तो वे संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें।

सरकार का कहना है कि शिक्षा के अधिकार को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।

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Heshma

Heshma is a journalist known for covering political developments, social issues, and breaking news. She is committed to delivering factual, clear, and engaging journalism for modern audiences.

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