ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई के निधन के बाद उनके जनाज़े में उनके बेटे मोजतबा ख़ामेनेई की अनुपस्थिति ने कई अटकलों को जन्म दिया है।
यह अनुपस्थिति विशेष रूप से तब महत्वपूर्ण हो जाती है जब मोजतबा को उनके पिता के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा था।
इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में व्यापक चर्चा छेड़ दी है, जिसमें कई विश्लेषक इसराइल को इस अप्रत्याशित अनुपस्थिति का कारण मान रहे हैं।Photo: Mustafa KILIÇ / Pexelsमोजतबा ख़ामेनेई की सार्वजनिक उपस्थिति हमेशा से ही सीमित रही है, लेकिन उनके पिता के अंतिम संस्कार जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर उनकी गैर-मौजूदगी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।
यह घटना ईरान के भीतर सत्ता के गलियारों में चल रही जटिलताओं और संभावित आंतरिक संघर्षों की ओर इशारा करती है।
सर्वोच्च नेता के निधन के बाद की संक्रमणकालीन अवधि में, मोजतबा की भूमिका और उनका भविष्य ईरान की राजनीतिक दिशा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो सकता है।इसराइली हस्तक्षेप की अटकलेंकई रिपोर्टों और विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा की अनुपस्थिति के पीछे इसराइल का हाथ हो सकता है।