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अली ख़ामेनेई के जनाज़े से ग़ायब रहे उनके बेटे मोजतबा, इसराइल को क्यों माना जा रहा वजह

ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई के निधन के बाद उनके जनाज़े में उनके बेटे मोजतबा ख़ामेनेई की अनुपस्थिति ने कई अटकलों को जन्म दिया है। य...

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Author: Jagraj Published: 6 Jul 2026, 1:47 PM Views: 0
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ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई के निधन के बाद उनके जनाज़े में उनके बेटे मोजतबा ख़ामेनेई की अनुपस्थिति ने कई अटकलों को जन्म दिया है। यह अनुपस्थिति विशेष रूप से तब महत्वपूर्ण हो जाती है जब मोजतबा को उनके पिता के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा था। इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में व्यापक चर्चा छेड़ दी है, जिसमें कई विश्लेषक इसराइल को इस अप्रत्याशित अनुपस्थिति का कारण मान रहे हैं।

Photo: Mustafa KILIÇ / Pexels

मोजतबा ख़ामेनेई की सार्वजनिक उपस्थिति हमेशा से ही सीमित रही है, लेकिन उनके पिता के अंतिम संस्कार जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर उनकी गैर-मौजूदगी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। यह घटना ईरान के भीतर सत्ता के गलियारों में चल रही जटिलताओं और संभावित आंतरिक संघर्षों की ओर इशारा करती है। सर्वोच्च नेता के निधन के बाद की संक्रमणकालीन अवधि में, मोजतबा की भूमिका और उनका भविष्य ईरान की राजनीतिक दिशा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो सकता है।

इसराइली हस्तक्षेप की अटकलें

कई रिपोर्टों और विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा की अनुपस्थिति के पीछे इसराइल का हाथ हो सकता है। यह आरोप लगाया जा रहा है कि इसराइल ने मोजतबा को किसी तरह से निशाना बनाया है, या फिर उनकी सुरक्षा को लेकर ऐसी गंभीर चिंताएं पैदा की हैं कि उन्हें सार्वजनिक रूप से उपस्थित होने से रोका गया। हालांकि, इस दावे की पुष्टि के लिए कोई ठोस सबूत अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन ईरान और इसराइल के बीच दशकों पुरानी दुश्मनी और हालिया तनाव को देखते हुए ऐसी अटकलों को बल मिल रहा है।

Photo: cottonbro studio / Pexels

ईरान और इसराइल के बीच गुप्त अभियानों और साइबर हमलों का इतिहास रहा है। दोनों देश एक-दूसरे के महत्वपूर्ण व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का प्रयास करते रहे हैं। ऐसे में, मोजतबा जैसे उच्च-प्रोफाइल व्यक्ति की अनुपस्थिति को इसराइल के किसी गुप्त अभियान से जोड़कर देखा जाना आश्चर्यजनक नहीं है। यह भी संभव है कि ईरान ने स्वयं मोजतबा की सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें सार्वजनिक रूप से सामने आने से रोका हो, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।

इस स्थिति से ईरान के भीतर एक अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया है। सर्वोच्च नेता के उत्तराधिकार का मुद्दा हमेशा से ही संवेदनशील रहा है, और मोजतबा की अनुपस्थिति ने इस प्रक्रिया को और भी जटिल बना दिया है। उनके समर्थकों और विरोधियों दोनों के लिए यह एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जो भविष्य की राजनीतिक चालों को प्रभावित कर सकता है।

Photo: cottonbro studio / Pexels

ईरान की आंतरिक राजनीति और उत्तराधिकार

ईरान में सर्वोच्च नेता का पद अत्यधिक शक्तिशाली होता है और यह देश की नीतियों, विदेश संबंधों और सैन्य निर्णयों को नियंत्रित करता है। अली ख़ामेनेई ने दशकों तक इस पद पर रहते हुए ईरान को एक विशिष्ट दिशा दी। उनके निधन के बाद, इस पद के लिए कई दावेदार सामने आ सकते हैं, जिनमें से मोजतबा ख़ामेनेई एक प्रमुख नाम थे। उनकी अनुपस्थिति ने अन्य संभावित उम्मीदवारों के लिए रास्ता खोल दिया है या उनकी स्थिति को मजबूत कर दिया है।

ईरान के भीतर विभिन्न गुटों और शक्तियों के बीच सत्ता संघर्ष कोई नई बात नहीं है। सर्वोच्च नेता के निधन के बाद यह संघर्ष अक्सर तेज हो जाता है। मोजतबा की गैर-मौजूदगी को इस आंतरिक सत्ता संघर्ष के एक संकेत के रूप में भी देखा जा सकता है, जहां उनके प्रतिद्वंद्वियों ने उनकी स्थिति को कमजोर करने का प्रयास किया हो। यह भी संभव है कि उनकी अनुपस्थिति किसी आंतरिक सुरक्षा चिंता या राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो।

इस घटनाक्रम का क्षेत्रीय भू-राजनीति पर भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। ईरान मध्य पूर्व में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है और उसकी आंतरिक स्थिरता और नेतृत्व का क्षेत्र के अन्य देशों, विशेषकर इसराइल और सऊदी अरब पर सीधा असर पड़ता है। मोजतबा की अनुपस्थिति से उत्पन्न अनिश्चितता क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकती है या नए गठबंधनों को जन्म दे सकती है।

कुल मिलाकर, अली ख़ामेनेई के जनाज़े से मोजतबा ख़ामेनेई की अनुपस्थिति एक रहस्य बनी हुई है। इसराइल से संबंधित अटकलें हों या ईरान की आंतरिक राजनीति, यह घटना ईरान के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ रखती है। आने वाले दिनों में ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस अनुपस्थिति का वास्तविक कारण क्या था और इसका ईरान की राजनीतिक दिशा पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

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Staff Reporter at VG Khabar.

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