बिहार के एक ग्रामीण इलाके में हाल ही में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी की तेरहवीं के अवसर पर एक भावनात्मक और तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला।
यह पारंपरिक शोक समारोह, जो मृत्यु के तेरहवें दिन आयोजित किया जाता है, मुठभेड़ स्थल के पास ही संपन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिवार के सदस्य एकत्रित हुए।
इस दौरान, घटनास्थल पर सरकार और पुलिस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई, जिसने स्थानीय लोगों के बीच व्याप्त असंतोष और गुस्से को स्पष्ट रूप से उजागर किया।Photo: 112 Uttar Pradesh / Pexelsभरत तिवारी की मां ने इस अवसर पर मीडिया के सामने आकर कई गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने सीधे तौर पर 'सम्राट' और उनकी पुलिस को अपने बेटे की मौत का जिम्मेदार ठहराया। मां का दावा है कि उनका बेटा निर्दोष था और उसे एक सुनियोजित साजिश के तहत मार दिया गया।
उन्होंने पुलिस कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मुठभेड़ फर्जी थी और उनके बेटे को न्याय मिलना चाहिए।