छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से शिक्षा व्यवस्था की एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां एक सरकारी स्कूल भवन के अभाव में पीपल के पेड़ के नीचे संचालित हो रहा है।
यह स्थिति न केवल छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि शिक्षा के अधिकार का भी खुला उल्लंघन है।
इस दयनीय स्थिति के कारण कई अभिभावक अपने बच्चों का नाम स्कूल से कटवाने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।Photo: Quang Nguyen Vinh / Pexelsमामला बिलासपुर के एक सुदूर गांव का है, जहां प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को खुले आसमान के नीचे पीपल के पेड़ की छांव में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
स्कूल भवन न होने के कारण गर्मी, बारिश और ठंड जैसी मौसमी परिस्थितियों का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
बारिश के दिनों में तो स्कूल पूरी तरह बंद ही करना पड़ता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई का भारी नुकसान होता है।