कांग्रेस पार्टी ने समान नागरिक संहिता (UCC) को भारत जैसे विविधतापूर्ण देश के लिए एक 'पेचीदा' और जटिल मुद्दा करार दिया है।
पार्टी ने इस बात पर जोर दिया है कि UCC का मसौदा तैयार करते समय देश की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक बहुलता को ध्यान में रखना बेहद ज़रूरी है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब UCC को लेकर देश में बहस तेज़ हो गई है और सरकार इसके संभावित लागूकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है।Photo: Héctor Berganza / Pexelsपार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि UCC का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून बनाना है, लेकिन भारत जैसे देश में जहां विभिन्न धर्मों और समुदायों के अपने व्यक्तिगत कानून हैं, वहां इसे लागू करना आसान नहीं होगा।
कांग्रेस का मानना है कि इस प्रक्रिया में सभी हितधारकों, विशेषकर धार्मिक और आदिवासी समुदायों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए।लिव-इन रिलेशनशिप और बच्चों के अधिकारकांग्रेस ने UCC के प्रस्तावित ड्राफ्ट में लिव-इन रिलेशनशिप से पैदा हुए बच्चों के अधिकारों को शामिल करने की संभावना पर भी अपनी चिंता और विचार व्यक्त किए हैं।
पार्टी का कहना है कि यह एक महत्वपूर्ण पहलू है जिस पर सावधानीपूर्वक विचार करने की आवश्यकता है।