भारत सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को लेकर उठ रहे विभिन्न आरोपों और चिंताओं पर एक विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है।
सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि यह कार्यक्रम देश की ऊर्जा सुरक्षा, किसानों की आय और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब कुछ हलकों से एथेनॉल मिश्रण की प्रक्रिया, इसके आर्थिक प्रभावों और तकनीकी व्यवहार्यता को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे।Photo: GOWTHAM AGM / Pexelsसरकार के ऊर्जा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को बहुत ही सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जीवाश्म ईंधन पर देश की निर्भरता को कम करना और गन्ना किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है।
अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि एथेनॉल मिश्रण से वाहनों के प्रदर्शन या इंजन के जीवन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है, जैसा कि कुछ आलोचकों द्वारा दावा किया जा रहा है।एथेनॉल मिश्रण के लाभ और लक्ष्यसरकार ने अपने स्पष्टीकरण में एथेनॉल मिश्रण के कई लाभों को रेखांकित किया।