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पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण पर सरकार का स्पष्टीकरण: आरोपों को किया खारिज

भारत सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को लेकर उठ रहे विभिन्न आरोपों और चिंताओं पर एक विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार न...

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Author: Jagraj Published: 4 Jul 2026, 4:19 PM Updated: 4 Jul 2026, 10:49 PM Views: 8
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भारत सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को लेकर उठ रहे विभिन्न आरोपों और चिंताओं पर एक विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि यह कार्यक्रम देश की ऊर्जा सुरक्षा, किसानों की आय और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब कुछ हलकों से एथेनॉल मिश्रण की प्रक्रिया, इसके आर्थिक प्रभावों और तकनीकी व्यवहार्यता को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे।

Photo: GOWTHAM AGM / Pexels

सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को बहुत ही सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जीवाश्म ईंधन पर देश की निर्भरता को कम करना और गन्ना किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि एथेनॉल मिश्रण से वाहनों के प्रदर्शन या इंजन के जीवन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है, जैसा कि कुछ आलोचकों द्वारा दावा किया जा रहा है।

एथेनॉल मिश्रण के लाभ और लक्ष्य

सरकार ने अपने स्पष्टीकरण में एथेनॉल मिश्रण के कई लाभों को रेखांकित किया। इनमें विदेशी मुद्रा की बचत, कृषि क्षेत्र को बढ़ावा, ग्रामीण रोजगार सृजन और कार्बन उत्सर्जन में कमी शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य 2025 तक पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण (E20) प्राप्त करना है, जो वर्तमान में लगभग 12-15% के स्तर पर है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश भर में एथेनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

Photo: Brijesh H / Pexels

मंत्रालय ने बताया कि एथेनॉल उत्पादन के लिए केवल अधिशेष अनाज और गन्ने का उपयोग किया जाता है, जिससे खाद्य सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ता। इसके विपरीत, यह किसानों को उनकी अतिरिक्त उपज का एक वैकल्पिक बाजार प्रदान करता है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होती है। सरकार ने यह भी बताया कि एथेनॉल मिश्रण के लिए उपयोग किए जाने वाले एथेनॉल की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कड़े मानक और परीक्षण प्रक्रियाएं लागू की गई हैं।

विपक्षी दलों और कुछ पर्यावरणविदों द्वारा उठाए गए चिंताओं का जवाब देते हुए, सरकार ने कहा कि एथेनॉल मिश्रण एक वैश्विक प्रवृत्ति है और ब्राजील जैसे कई देशों में इसे सफलतापूर्वक लागू किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं और वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर डिजाइन किया गया है।

Photo: Fahad Puthawala / Pexels

सरकार ने इस बात पर भी जोर दिया कि एथेनॉल मिश्रण से उत्पन्न होने वाली किसी भी तकनीकी चुनौती का समाधान करने के लिए ऑटोमोबाइल निर्माताओं के साथ लगातार परामर्श किया जा रहा है। नए वाहन E20 ईंधन के अनुकूल बनाए जा रहे हैं, और पुराने वाहनों के लिए भी आवश्यक दिशानिर्देश और सलाह जारी की गई है।

आर्थिक मोर्चे पर, सरकार ने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि एथेनॉल मिश्रण उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल की लागत बढ़ाता है। उन्होंने बताया कि एथेनॉल की खरीद मूल्य को इस तरह से विनियमित किया जाता है कि यह उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी हो और तेल विपणन कंपनियों के लिए भी व्यवहार्य हो।

यह भी बताया गया कि सरकार ने एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें ब्याज सबवेंशन और ऋण गारंटी शामिल हैं। इन उपायों से देश में एथेनॉल आसवनी स्थापित करने में तेजी आई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।

पर्यावरण संबंधी चिंताओं पर, सरकार ने कहा कि एथेनॉल एक स्वच्छ जलने वाला ईंधन है जो जीवाश्म ईंधन की तुलना में कम ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन करता है। उन्होंने कहा कि एथेनॉल मिश्रण से वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिलती है, खासकर शहरी क्षेत्रों में जहां वाहनों का घनत्व अधिक है।

सरकार ने जनता से अपील की है कि वे एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के बारे में गलत सूचनाओं पर ध्यान न दें और विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस कार्यक्रम की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस स्पष्टीकरण के माध्यम से, सरकार ने एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है और इसके पीछे के तर्कों को विस्तार से समझाया है। यह देखना बाकी है कि यह स्पष्टीकरण आलोचकों की चिंताओं को कितना शांत कर पाता है और क्या कार्यक्रम अपनी निर्धारित गति से आगे बढ़ पाता है।

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Jagraj

Staff Reporter at VG Khabar.

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