📖 VG Khabar
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट देखने को मिल रही है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट और शिवसेना (एकनाथ शिंदे) गुट के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
हाल ही में, ठाकरे गुट से अलग हुए कुछ सांसदों ने एक बड़ा दावा किया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
इन बागी सांसदों का कहना है कि उन्होंने ठाकरे गुट से इसलिए नाता तोड़ा क्योंकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाला धड़ा कांग्रेस पार्टी में विलय करना चाहता था।Photo: Tara Winstead / Pexelsबागी सांसदों ने अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को एक औपचारिक पत्र भी सौंपा है।
इस पत्र में उन्होंने अपने अलग होने के कारणों का विस्तार से उल्लेख किया है और ठाकरे गुट के कथित विलय की मंशा को अपने फैसले का मुख्य आधार बताया है।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब दोनों शिवसेना गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई लगातार तेज होती जा रही है।इन आरोपों को शिवसेना (एकनाथ शिंदे) गुट का तत्काल समर्थन मिला है।