अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के आरोपों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के बीच तनाव को उजागर कर दिया है।
आरएसएस ने इस मामले पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है, यह कहते हुए कि इस घटना से रामभक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं।
संघ ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।Photo: _art.vortex_ / Pexelsयह मामला तब और गरमा गया जब भाजपा के वरिष्ठ नेता और राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक विनय कटियार ने सीधे तौर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर निशाना साधा।
कटियार ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया है कि इस मामले में चंपत राय को जेल भी जाना पड़ सकता है, जिससे ट्रस्ट के भीतर गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिलते हैं।
उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।चढ़ावे की चोरी और रामभक्तों की भावनाएंराम मंदिर, जिसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक माना जाता है, के चढ़ावे में कथित चोरी की खबर ने पूरे देश के रामभक्तों को स्तब्ध कर दिया है।