📖 VG Khabar
इंट्रो शिक्षा के अधिकार कानून के तहत गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने की प्रक्रिया में बड़ी लापरवाही सामने आई है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 33 जिलों में 6000 से ज्यादा बच्चों के दाखिले नहीं हो पाए हैं। समय सीमा खत्म होने के बाद भी सीटें खाली रह गईं, जिससे हजारों बच्चों का सपना टूट गया।
इस मामले को लेकर अभिभावकों और शिक्षा विभाग के बीच विवाद की स्थिति बन गई है।
शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत मिलने वाले इस मौके से वंचित रह गए बच्चों के भविष्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
6000 से ज्यादा बच्चों का दाखिला अधूरा रिपोर्ट के अनुसार, RTE के तहत निजी स्कूलों में गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए सीटें निर्धारित की गई थीं।