महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट को उस समय एक बड़ा झटका लगा जब उसके नौ लोकसभा सांसदों में से छह ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया।
इस घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है।Photo: Sandeep Kashyap / Pexelsयह बगावत तब सामने आई जब बागी सांसदों ने पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के खिलाफ अपनी नाराजगी खुलकर व्यक्त की और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ संभावित विलय की अटकलों को हवा दी।
इन छह सांसदों ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि वे पार्टी के मौजूदा नेतृत्व की कार्यशैली से असंतुष्ट हैं और उन्हें लगता है कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है।इस पूरे घटनाक्रम के बीच, उद्धव गुट के प्रमुख नेता और प्रवक्ता संजय राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी सारी मर्यादाएं लांघ दीं।
उन्होंने बागी सांसदों और उनके कथित समर्थकों के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।