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छत्तीसगढ़ में सीमेंट महंगा, काम रुके

छत्तीसगढ़ में सीमेंट कीमत 80 रुपये तक बढ़ी, 40 हजार करोड़ के सरकारी प्रोजेक्ट प्रभावित, निर्माण कार्यों पर असर।

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Author: Simran Published: 16 Apr 2026, 2:59 PM Updated: 6 Jun 2026, 9:36 PM Views: 60
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निर्माण कार्यों पर असर, ठेकेदारों और विभागों की बढ़ी चिंता

छत्तीसगढ़ में सीमेंट की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी ने निर्माण कार्यों की रफ्तार धीमी कर दी है। राज्य में सीमेंट की कीमतों में 60 से 80 रुपये प्रति बोरी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे करीब 40 हजार करोड़ रुपये के सरकारी निर्माण कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

सरकारी विभागों, ठेकेदारों और बिल्डरों के अनुसार बढ़ी हुई कीमतों के कारण कई परियोजनाओं पर काम धीमा हो गया है, जबकि कुछ स्थानों पर काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इस बढ़ोतरी का असर सड़क, पुल, भवन और आवासीय परियोजनाओं पर साफ दिखाई दे रहा है। 🏗️

80 रुपये तक बढ़ी सीमेंट की कीमत

बाजार में सीमेंट की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी ने निर्माण क्षेत्र को झटका दिया है। कुछ सप्ताह पहले तक सीमेंट की एक बोरी की कीमत जहां 330 से 350 रुपये के आसपास थी, वहीं अब यह बढ़कर 380 से 420 रुपये तक पहुंच गई है।

कीमत बढ़ने के प्रमुख कारण:

  • कच्चे माल की लागत बढ़ना
  • परिवहन खर्च में वृद्धि
  • ईंधन कीमतों में उछाल
  • मांग में बढ़ोतरी

व्यापारियों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में कीमतों में और वृद्धि हो सकती है।

40 हजार करोड़ के सरकारी काम प्रभावित

सीमेंट की कीमत बढ़ने का सबसे बड़ा असर सरकारी परियोजनाओं पर पड़ा है। राज्य में करीब 40 हजार करोड़ रुपये के निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिनमें सड़क, पुल, भवन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं शामिल हैं।

प्रभावित प्रमुख परियोजनाएं:

  • सड़क निर्माण
  • पुल और फ्लाईओवर
  • सरकारी भवन
  • आवास योजनाएं

सरकारी विभागों ने भी स्वीकार किया है कि लागत बढ़ने से परियोजनाओं की गति प्रभावित हो रही है।

विभागों की बढ़ी चिंता

लोक निर्माण विभाग और अन्य निर्माण एजेंसियों ने बढ़ती लागत को लेकर चिंता जताई है। विभागों का कहना है कि वर्तमान दरों पर निर्माण कार्य करना मुश्किल हो रहा है।

अधिकारियों के अनुसार:

  • टेंडर पुराने रेट पर जारी हुए थे
  • नई कीमतों से लागत बढ़ गई
  • बजट पर दबाव बढ़ा

इस स्थिति में कई ठेकेदार काम धीमा कर रहे हैं।

ठेकेदारों ने जताई परेशानी

निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदारों ने भी सीमेंट की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अचानक कीमत बढ़ने से परियोजनाओं की लागत बढ़ गई है।

ठेकेदारों की मांग:

  • दरों में संशोधन
  • अतिरिक्त बजट
  • नई दरों के अनुसार भुगतान

यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो कई परियोजनाओं में देरी हो सकती है।

आवास योजनाओं पर भी असर

सीमेंट की कीमत बढ़ने का असर आवासीय योजनाओं पर भी पड़ रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य आवास योजनाओं के निर्माण कार्यों की लागत बढ़ गई है।

प्रभाव:

  • निर्माण लागत बढ़ी
  • काम की गति धीमी
  • समय सीमा प्रभावित

इससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बिल्डरों पर बढ़ा दबाव

निजी बिल्डरों ने भी सीमेंट की कीमत बढ़ने को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि निर्माण लागत बढ़ने से मकानों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।

संभावित असर:

  • मकानों की कीमत बढ़ेगी
  • निर्माण परियोजनाएं धीमी होंगी
  • खरीदारों पर असर पड़ेगा

इससे रियल एस्टेट बाजार पर भी असर देखने को मिल सकता है।

सरकार कर रही स्थिति की समीक्षा

राज्य सरकार ने सीमेंट कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।

संभावित कदम:

  • कंपनियों से चर्चा
  • सप्लाई बढ़ाने के प्रयास
  • कीमतों की निगरानी

सरकार जल्द ही इस मुद्दे पर फैसला ले सकती है।

निर्माण क्षेत्र पर व्यापक असर

विशेषज्ञों का मानना है कि सीमेंट की कीमत बढ़ने से निर्माण क्षेत्र पर व्यापक असर पड़ सकता है।

संभावित प्रभाव:

  • परियोजनाओं में देरी
  • लागत में वृद्धि
  • रोजगार पर असर

निर्माण क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इस स्थिति को गंभीर माना जा रहा है।

आम लोगों पर भी पड़ेगा असर

सीमेंट की कीमत बढ़ने का असर आम लोगों पर भी पड़ेगा।

संभावित प्रभाव:

  • घर बनाने की लागत बढ़ेगी
  • मरम्मत कार्य महंगे होंगे
  • निर्माण कार्य टल सकते हैं

इससे आम लोगों के बजट पर भी दबाव बढ़ सकता है। 📊

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में सीमेंट की कीमतों में 80 रुपये तक की बढ़ोतरी ने निर्माण क्षेत्र को प्रभावित कर दिया है। करीब 40 हजार करोड़ रुपये के सरकारी कामों पर असर पड़ने की आशंका है। सरकारी विभाग, ठेकेदार और बिल्डर सभी इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं।

यदि जल्द ही कीमतों पर नियंत्रण नहीं हुआ, तो निर्माण कार्यों में देरी और लागत बढ़ने का असर राज्य की विकास परियोजनाओं पर भी पड़ सकता है।

S

Simran

Simran is a passionate journalist who reports on politics, public policy, and social issues. Her work focuses on delivering reliable news, in-depth insights, and timely updates to readers.

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