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लावणी सम्राज्ञी विठाबाई की बायोपिक में नजर आएंगी Shraddha Kapoor, महाराष्ट्र की लोककला को मिलेगा बड़ा मंच
इंट्रो
बॉलीवुड में इन दिनों बायोपिक फिल्मों का दौर जारी है और अब मराठी लोककला की सबसे प्रसिद्ध कलाकारों में से एक Vithabai Narayangaonkar की जिंदगी भी बड़े पर्दे पर दिखाई जाएगी। खबर है कि इस बायोपिक में मुख्य भूमिका निभाने के लिए बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर को चुना गया है। यह फिल्म महाराष्ट्र की मशहूर लावणी और तमाशा कलाकार विठाबाई के संघर्ष, कला और साहस की कहानी को दर्शाएगी।
श्रद्धा कपूर निभाएंगी विठाबाई का किरदार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म का निर्देशन Laxman Utekar कर रहे हैं। फिल्म में श्रद्धा कपूर लावणी नृत्य की महान कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर की भूमिका में नजर आएंगी। कहा जा रहा है कि यह फिल्म महाराष्ट्र की लोकसंस्कृति और तमाशा परंपरा को बड़े पैमाने पर दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास होगी।
फिल्म का वर्किंग टाइटल “Eetha” बताया जा रहा है, जिसकी शूटिंग 2025 में महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में शुरू हुई थी।
भूमिका के लिए खास तैयारी कर रहीं श्रद्धा
इस चुनौतीपूर्ण किरदार के लिए श्रद्धा कपूर खास तैयारी कर रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने लावणी और गवळन नृत्य की कई महीनों तक ट्रेनिंग ली है, ताकि विठाबाई के अभिनय और मंचीय ऊर्जा को सही तरह से पर्दे पर उतारा जा सके।
श्रद्धा खुद भी महाराष्ट्र से जुड़ी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि रखती हैं, इसलिए माना जा रहा है कि वह इस किरदार में स्वाभाविक रूप से ढल सकती हैं।
फिल्म में रणदीप हुड्डा भी आ सकते हैं नजर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बायोपिक में अभिनेता Randeep Hooda भी अहम भूमिका में नजर आ सकते हैं। फिल्म की कहानी विठाबाई के संघर्ष, उनकी कला के प्रति जुनून और समाज में महिलाओं की स्थिति को भी दिखाएगी।
कौन थीं विठाबाई नारायणगांवकर
विठाबाई नारायणगांवकर महाराष्ट्र की मशहूर लावणी और तमाशा कलाकार थीं, जिनका जन्म 1935 में हुआ था। वह बचपन से ही लोककला से जुड़ी रहीं और बाद में महाराष्ट्र के गांव-गांव में अपनी दमदार प्रस्तुतियों से प्रसिद्ध हो गईं।
उनकी जिंदगी संघर्षों से भरी थी, लेकिन कला के प्रति उनका समर्पण इतना मजबूत था कि उन्होंने तमाशा और लावणी को नई पहचान दिलाई। उनकी कहानी महिला सशक्तिकरण और कला के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण मानी जाती है।
श्रद्धा कपूर के करियर के लिए अहम फिल्म
श्रद्धा कपूर के लिए यह फिल्म काफी अहम मानी जा रही है। इससे पहले वह कई सफल फिल्मों में नजर आ चुकी हैं, लेकिन यह बायोपिक उनके करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में से एक मानी जा रही है।
अगर यह फिल्म सफल होती है, तो यह न सिर्फ श्रद्धा कपूर के अभिनय को नया आयाम दे सकती है बल्कि महाराष्ट्र की पारंपरिक लोककला लावणी को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला सकती है।