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Tue, 7 Jul 2026
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Kerala

केरल: मानसून 26 मई को पहुँचेगा — सामान्य से एक हफ़्ता पहले; IMD ने पुष्टि की, लक्षद्वीप और अंडमान में पहले ही बारिश शुरू

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई 2026 के आसपास केरल में दस्तक देगा — सामान्य 1 जून से लगभग एक सप्ताह पहले। लक...

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Author: Jagraj Published: 22 May 2026, 3:26 PM Updated: 5 Jul 2026, 10:57 PM Views: 52
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तिरुवनंतपुरम, 22 मई 2026: मानसून के इंतज़ार में बैठे करोड़ों भारतीयों के लिए अच्छी ख़बर — भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पुष्टि की है कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई के आसपास केरल में दस्तक देगा। यह तिथि सामान्य 1 जून से लगभग एक सप्ताह पहले है। मॉडल त्रुटि ±4 दिन मानी जा रही है। अगर समय पर मानसून आता है तो यह इस दशक के सबसे जल्दी आने वाले मानसूनों में से एक होगा।

लक्षद्वीप और अंडमान में मानसून पहले ही पहुँच चुका

IMD के अनुसार:

  • लक्षद्वीप द्वीप समूह: मानसून पहले ही पहुँच चुका, व्यापक बारिश सक्रिय
  • अंडमान-निकोबार द्वीप समूह: मानसून सक्रिय और भारी बारिश दर्ज
  • केरल: मानसून-पूर्व बारिश (Pre-monsoon showers) पहले से ही जारी

केरल के बैकवॉटर्स और नारियल के पेड़ों का परिदृश्य

मानसून का आगमन — समय का महत्व

  • सामान्य तिथि: 1 जून (अधिकारिक मानसून आगमन का प्रचलित मानक)
  • 2026 में अनुमानित: 26 मई (±4 दिन)
  • पिछले कुछ वर्षों की तुलना: यह 2026 का मानसून सबसे जल्दी आने वालों में होगा

क्यों मायने रखता है मानसून का जल्दी आना

  • कृषि के लिए: खरीफ़ की बुवाई जल्दी शुरू हो सकेगी — धान, सोयाबीन, कपास के किसानों को राहत
  • जलाशयों और बाँधों का पुनर्भरण: गर्मियों में सूख रहे जलस्रोत भरेंगे
  • उत्तर भारत की लू में राहत: मानसून आगे बढ़ने पर लू की समाप्ति होगी
  • बिजली उत्पादन: जल विद्युत संयंत्र अधिक सक्रिय होंगे
  • अर्थव्यवस्था पर असर: कृषि-केंद्रित अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत

अगले दो हफ़्ते — मानसून का मार्ग

केरल पहुँचने के बाद मानसून का सामान्य मार्ग इस प्रकार रहता है:

  • केरल और तटीय कर्नाटक — 26-31 मई
  • तमिलनाडु, गोवा, दक्षिण महाराष्ट्र — 1-5 जून
  • आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा — 5-10 जून
  • मुंबई, मध्य प्रदेश — 8-12 जून
  • उत्तर भारत (दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश) — 20-30 जून
  • राजस्थान — जून के अंत/जुलाई की शुरुआत

भारत में बारिश के मौसम का जंगल और हरियाली

2026 के मानसून का पूर्वानुमान

IMD पहले ही 2026 के लिए सामान्य से बेहतर मानसून का पूर्वानुमान दे चुका है। ला-नीना और पॉज़िटिव इंडियन ओशन डाइपोल जैसे जलवायु पैटर्न इस वर्ष भारत के लिए अनुकूल माने जा रहे हैं। अगर पूर्वानुमान सही साबित होता है तो जल भंडारण, कृषि उत्पादन और GDP पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

केरल में तैयारियाँ

राज्य प्रशासन ने मानसून-पूर्व तैयारियाँ शुरू कर दी हैं:

  • नालों और जल निकासी की सफ़ाई
  • आपदा प्रबंधन टीमें तैयार
  • तटीय क्षेत्रों में मछुआरों के लिए परामर्श
  • पहाड़ी इलाक़ों में भूस्खलन की निगरानी

(समाचार स्रोत: IMD, zeenews.india.com, news24online.com)

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Jagraj

Staff Reporter at VG Khabar.

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