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केरल मानसून प्रगति धीमी: अरब सागर पर बादल कमज़ोर, चक्रवाती परिसंचरण का असर; 2-3 दिनों में सुधार की संभावना

केरल में मानसून की प्रगति दक्षिण-मध्य अरब सागर पर कमज़ोर बादलों और चक्रवाती परिसंचरण के कारण धीमी हो गई है। 2-3 दिनों में स्थितियों में सुधार की संभावना है।

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Author: Jagraj Published: 27 May 2026, 9:39 PM Updated: 27 May 2026, 9:39 PM Views: 64
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तिरुवनंतपुरम, 27 मई 2026: केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आधिकारिक आगमन में देरी का सिलसिला जारी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण-मध्य अरब सागर पर बादलों की गतिविधि कमज़ोर पड़ने और इस क्षेत्र में चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) के बनने से मानसून की प्रगति धीमी हुई है। चक्रवाती परिसंचरण ने केरल के पास नमी को कम कर दिया है और बारिश लाने वाले बादलों को कमज़ोर कर रहा है। हालाँकि अच्छी ख़बर है — अगले 2-3 दिनों में स्थिति में सुधार होने की संभावना है।

क्या हो रहा है?

  • 26 मई की डेडलाइन चूकी: IMD का पहला अनुमान
  • नया अनुमान: 2-4 जून के बीच आगमन; कुछ रिपोर्ट्स में 5-10 जून भी
  • कारण: कमज़ोर हवाएँ, El Niño का प्रभाव, अरब सागर पर चक्रवाती परिसंचरण
  • 2-3 दिनों में सुधार: मौसम विशेषज्ञों का अनुमान

उष्णकटिबंधीय बादल और महासागर

तकनीकी कारण — विशेषज्ञों की राय

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में निम्न कारक मानसून की प्रगति को धीमा कर रहे हैं:

  • चक्रवाती परिसंचरण: दक्षिण-मध्य अरब सागर पर एक चक्रवाती परिसंचरण ने नमी को सोख लिया है
  • कमज़ोर क्रॉस-इक्वेटोरियल हवाएँ: हिंद महासागर से नमी का प्रवाह उतना तेज़ नहीं
  • El Niño का प्रभाव: प्रशांत महासागर का यह जलवायु पैटर्न दक्षिण एशिया के मानसून को कमज़ोर कर रहा है
  • एंटी-साइक्लोनिक प्रभाव: उत्तर भारत के ऊपर सूखी हवाओं का दबाव बना हुआ

केरल में वर्तमान बारिश

मानसून की आधिकारिक देरी के बावजूद केरल के तटीय और दक्षिणी ज़िलों में अभी भी बारिश सक्रिय है — यह मानसून-पूर्व बारिश है, आधिकारिक मानसून नहीं। प्रभावित क्षेत्र:

  • तिरुवनंतपुरम, कोल्लम — गरज के साथ बौछारें
  • अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की — मध्यम बारिश
  • एर्नाकुलम, थ्रिशूर — हल्की से मध्यम बारिश
  • मलप्पुरम, कोझिकोड — गरज के साथ बारिश
  • वायनाड, कन्नूर, कासरगोड — सक्रिय बारिश

लक्षद्वीप और अंडमान

लक्षद्वीप द्वीप समूह और अंडमान-निकोबार में मानसून पहले से सक्रिय है। यहाँ व्यापक बारिश हो रही है।

अरब सागर पर बारिश के बादल

आगे का अनुमान

IMD अधिकारियों के अनुसार:

  • अगले 2-3 दिनों में चक्रवाती परिसंचरण कमज़ोर होगा
  • नमी का प्रवाह फिर से तेज़ होगा
  • 30 मई के बाद बारिश की तीव्रता बढ़ेगी
  • 2-4 जून के बीच आधिकारिक मानसून आगमन की संभावना
  • तमिलनाडु, कर्नाटक में मानसून 3-8 जून के बीच पहुँचेगा

केरल के लिए महत्व

केरल की अर्थव्यवस्था और जीवन-शैली मानसून पर बहुत निर्भर है — कृषि, पर्यटन, बिजली, जल भंडारण। थोड़ी देरी से कुल मानसून पर बहुत असर नहीं पड़ेगा, लेकिन तमिलनाडु, कर्नाटक और अन्य राज्यों को भी इंतज़ार बढ़ गया है।

सावधानियाँ

  • तटीय क्षेत्रों में मछुआरे मौसम अपडेट देखकर ही समुद्र में जाएँ
  • पहाड़ी क्षेत्रों (इडुक्की, वायनाड) में भूस्खलन का जोखिम
  • आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन 1077 — 24 घंटे सक्रिय
  • NDRF-SDRF टीमें राज्य भर में तैनात

(समाचार स्रोत: IMD, asianetnews, businesstoday.in, theweek.in)

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Jagraj

Staff Reporter at VG Khabar.

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