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Chhattisgarh

77 करोड़ स्काईवॉक प्रोजेक्ट बिना मॉनिटरिंग

रायपुर में 77 करोड़ का स्काईवॉक प्रोजेक्ट बिना मॉनिटरिंग के धीमा; ड्रीम प्रोजेक्ट की जमीनी हकीकत सामने आई।

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Author: Simran Published: 23 Apr 2026, 5:02 PM Updated: 8 Jun 2026, 3:14 AM Views: 52
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करोड़ों की लागत वाला प्रोजेक्ट बना सवालों के घेरे में, गुणवत्ता और निगरानी पर उठे गंभीर सवाल

रायपुर में करोड़ों रुपये की लागत से बन रहा स्काई वॉक प्रोजेक्ट अब सवालों के घेरे में आ गया है। करीब 77 करोड़ रुपये के इस महत्वाकांक्षी ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ का काम बिना पर्याप्त मॉनिटरिंग के चलने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता की कमी है और गुणवत्ता से भी समझौता किया जा रहा है। ऐसे में शहर के विकास के लिए बनाए जा रहे इस प्रोजेक्ट की हकीकत चिंताजनक नजर आ रही है। 🏗️

बिना मॉनिटरिंग के चल रहा निर्माण कार्य

स्काई वॉक प्रोजेक्ट के निर्माण में सबसे बड़ा आरोप यह है कि काम की नियमित निगरानी नहीं हो रही है।

मुख्य समस्याएं:

  • साइट पर अधिकारियों की अनुपस्थिति
  • गुणवत्ता जांच की कमी
  • कार्य प्रगति का सही रिकॉर्ड नहीं

इन कारणों से प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

77 करोड़ का ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’

यह स्काई वॉक प्रोजेक्ट शहर के ट्रैफिक और पैदल यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।

प्रोजेक्ट की मुख्य बातें:

  • कुल लागत: ₹77 करोड़
  • उद्देश्य: सुरक्षित पैदल आवागमन
  • प्रमुख स्थानों को जोड़ना
  • शहरी विकास को बढ़ावा

लेकिन मौजूदा हालात इस उद्देश्य को कमजोर करते नजर आ रहे हैं।

निर्माण की धीमी रफ्तार

प्रोजेक्ट की प्रगति भी उम्मीद के मुताबिक नहीं है।

स्थिति:

  • काम धीमी गति से चल रहा
  • समयसीमा का पालन नहीं
  • कई हिस्सों में अधूरा निर्माण

इससे प्रोजेक्ट के पूरा होने में देरी की आशंका बढ़ गई है। ⏳

गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों ने निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जताई है।

आरोप:

  • घटिया सामग्री का उपयोग
  • निर्माण मानकों की अनदेखी
  • सुरक्षा उपायों की कमी

यदि इन आरोपों में सच्चाई है, तो यह भविष्य में बड़ी समस्या बन सकता है।

प्रशासन की चुप्पी

इस पूरे मामले में संबंधित विभागों की ओर से स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।

नगर निगम और अन्य एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

लोगों का कहना है कि:

  • शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही
  • जिम्मेदार अधिकारी जवाब नहीं दे रहे
  • पारदर्शिता का अभाव है

इससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है।

जनप्रतिनिधियों ने उठाए सवाल

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को उठाया है। उन्होंने प्रोजेक्ट की जांच और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

मुख्य मांगें:

  • उच्च स्तरीय जांच
  • कार्य की नियमित मॉनिटरिंग
  • गुणवत्ता सुनिश्चित करना

इससे प्रोजेक्ट की स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

ट्रैफिक और सुरक्षा पर असर

स्काई वॉक का निर्माण अधूरा रहने से ट्रैफिक और सुरक्षा पर भी असर पड़ रहा है।

समस्याएं:

  • निर्माण स्थल पर अव्यवस्था
  • पैदल यात्रियों के लिए खतरा
  • ट्रैफिक जाम

इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। 🚧

करोड़ों खर्च के बावजूद अधूरी सुविधा

इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद लोगों को अपेक्षित सुविधा नहीं मिल पा रही है।

प्रभाव:

  • सार्वजनिक धन का सही उपयोग नहीं
  • विकास कार्यों पर सवाल
  • जनता का भरोसा कम होना

यह स्थिति प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठाती है।

विशेषज्ञों की राय

शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स में पारदर्शिता और निगरानी बेहद जरूरी होती है।

सुझाव:

  • थर्ड पार्टी ऑडिट
  • नियमित निरीक्षण
  • डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम

इन उपायों से प्रोजेक्ट की गुणवत्ता सुधारी जा सकती है।

क्या हो सकता है समाधान

इस समस्या से निपटने के लिए कई कदम उठाए जा सकते हैं।

संभावित समाधान:

  • जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना
  • निर्माण कार्य की जांच
  • समयसीमा तय कर काम पूरा करना

इससे प्रोजेक्ट को सही दिशा मिल सकती है।

जनता की उम्मीदें

रायपुर के लोग इस प्रोजेक्ट से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठे हैं।

उम्मीदें:

  • सुरक्षित और आधुनिक सुविधा
  • ट्रैफिक में सुधार
  • शहर का विकास

लेकिन वर्तमान स्थिति ने इन उम्मीदों को झटका दिया है।

निष्कर्ष

रायपुर का 77 करोड़ का स्काई वॉक प्रोजेक्ट, जिसे शहर का ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ माना जा रहा था, अब कई सवालों के घेरे में है। बिना मॉनिटरिंग के चल रहे निर्माण और गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल इस प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता को प्रभावित कर रहे हैं।

जरूरी है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और पारदर्शिता के साथ काम को पूरा करे, ताकि जनता को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।

S

Simran

Simran is a passionate journalist who reports on politics, public policy, and social issues. Her work focuses on delivering reliable news, in-depth insights, and timely updates to readers.

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