रायपुर।
छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। परीक्षा से करीब 10 घंटे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर प्रश्नपत्र जैसे सवाल वायरल होने की खबर ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई छात्रों का दावा है कि जो प्रश्न उन्हें पहले मिले थे, वही सवाल परीक्षा में पूछे गए।
इस मामले ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विभाग के बीच चिंता का माहौल बना दिया है।
टेलीग्राम पर वायरल हुए सवाल
छात्रों के अनुसार, परीक्षा से एक दिन पहले रात में टेलीग्राम चैनलों पर कुछ प्रश्न शेयर किए गए थे।
इन सवालों को उस समय कई छात्रों ने “इंपोर्टेंट क्वेश्चन” समझकर नजरअंदाज कर दिया।
लेकिन परीक्षा के दिन जब वही सवाल पेपर में आए, तो छात्रों के बीच चर्चा तेज हो गई कि कहीं पेपर लीक तो नहीं हुआ।
छात्रों के दावे ने बढ़ाई चिंता
परीक्षा में शामिल कई छात्रों ने बताया कि वायरल हुए सवालों और वास्तविक प्रश्नपत्र में काफी समानता थी।
कुछ छात्रों का कहना है कि उन्हें यह पहले से पता था कि ये सवाल महत्वपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन यह अंदाजा नहीं था कि वही पेपर में आ जाएंगे।
इन दावों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।
शिक्षा विभाग की जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) और शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि वायरल हुए सवाल वास्तव में लीक हुए थे या सिर्फ संभावित प्रश्नों की सूची थी।
जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
सोशल मीडिया की भूमिका पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
टेलीग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर इस तरह की सामग्री तेजी से वायरल होती है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सख्त निगरानी और कार्रवाई जरूरी है।
परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर असर
अगर पेपर लीक की बात सही साबित होती है, तो यह परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल होगा।
इससे मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय हो सकता है और पूरी प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर पड़ सकता है।
छात्रों और अभिभावकों की मांग
इस मामले के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वे चाहते हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए।
क्या हो सकता है अगला कदम?
यदि जांच में पेपर लीक की पुष्टि होती है, तो संबंधित परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित किया जा सकता है।
हालांकि, अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।