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Chhattisgarh

“छत्तीसगढ़ में 29 गौधामों का होगा उद्घाटन”

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार पशुधन संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य के विभिन्न जिलों में 29 गौधाम (गौशालाओं...

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Author: Simran Published: 14 Mar 2026, 11:55 AM Updated: 3 Jul 2026, 8:16 AM Views: 99
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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार पशुधन संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य के विभिन्न जिलों में 29 गौधाम (गौशालाओं) का उद्घाटन करने जा रही है। इस पहल का शुभारंभ बिलासपुर से किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन गौधामों के माध्यम से न केवल गौवंश की बेहतर देखभाल सुनिश्चित होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

राज्य सरकार द्वारा शुरू की जा रही यह योजना गौवंश संरक्षण, जैविक खेती को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पशुधन संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

गौधामों के निर्माण का मुख्य उद्देश्य बेसहारा और आवारा गौवंश को सुरक्षित आश्रय प्रदान करना है। राज्य के कई जिलों में बड़ी संख्या में आवारा मवेशी सड़कों और खेतों में घूमते रहते हैं, जिससे किसानों को भी नुकसान होता है।

इन गौधामों में गौवंश के लिए रहने, खाने और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पशु चिकित्सकों की नियमित निगरानी में उनकी देखभाल की जाएगी ताकि पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर बना रहे।

बिलासपुर से होगा कार्यक्रम का शुभारंभ

सरकार की इस पहल का औपचारिक शुभारंभ बिलासपुर जिले से किया जाएगा। उद्घाटन कार्यक्रम में राज्य के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हो सकते हैं।

बिलासपुर से शुरुआत करने के बाद राज्य के अन्य जिलों में भी क्रमशः गौधामों का उद्घाटन किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार पूरे राज्य में पशुधन संरक्षण की दिशा में एक मजबूत संदेश देना चाहती है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि गौधामों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

इन केंद्रों में चारा प्रबंधन, पशु देखभाल, स्वच्छता और अन्य कार्यों के लिए स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सकता है। इसके अलावा गोबर और गोमूत्र से बनने वाले उत्पादों को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।

गोबर से जैविक खाद और अन्य उत्पाद बनाकर किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे कृषि उत्पादन की गुणवत्ता भी बेहतर हो सकती है।

जैविक खेती को मिलेगा प्रोत्साहन

गौधामों से मिलने वाले संसाधनों का उपयोग जैविक खेती में किया जा सकता है। गोबर से बनने वाली जैविक खाद मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में मदद करती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करती है।

सरकार का मानना है कि जैविक खेती को बढ़ावा देने से किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

किसानों को भी मिलेगी राहत

आवारा पशुओं के कारण कई बार किसानों की फसलों को नुकसान होता है। खेतों में घूमने वाले मवेशी फसलों को नुकसान पहुंचा देते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक हानि होती है।

गौधामों के निर्माण से इन पशुओं को सुरक्षित स्थान मिल सकेगा और किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान में भी कमी आएगी।

सरकार की विकास योजनाओं का हिस्सा

राज्य सरकार का कहना है कि यह पहल ग्रामीण विकास और पशुधन संरक्षण की व्यापक योजना का हिस्सा है।

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में और भी गौधाम स्थापित किए जाएं, ताकि पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।

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Simran

Simran is a passionate journalist who reports on politics, public policy, and social issues. Her work focuses on delivering reliable news, in-depth insights, and timely updates to readers.

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