छत्तीसगढ़ से एक अहम नीतिगत खबर है। रिपोर्ट्स के अनुसार राज्य सरकार का "धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026" 10 जुलाई से प्रभावी हो गया है।
कानून के मुख्य प्रावधान
- बल, प्रलोभन, धोखाधड़ी या अन्य अवैध तरीकों से धर्मांतरण के मामलों में सख्त कार्रवाई
- ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया को स्पष्ट करने का दावा
सरकार का कहना है कि यह कानून लोगों की स्वतंत्र इच्छा की रक्षा के लिए है। वहीं इस पर अलग-अलग पक्षों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। नागरिकों से अनुरोध है कि आधिकारिक अधिसूचना से ही जानकारी लें।









