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पद्मविभूषण तीजन बाई को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई: गनियारी में उमड़ा जनसैलाब

छत्तीसगढ़ की शान, पंडवानी गायिका पद्मविभूषण तीजन बाई को आज उनके पैतृक गांव गनियारी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सहित देशभर …

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Author: Jagraj Published: 6 Jul 2026, 1:44 PM Updated: 6 Jul 2026, 1:44 PM Views: 4
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छत्तीसगढ़ की शान, पंडवानी गायिका पद्मविभूषण तीजन बाई को आज उनके पैतृक गांव गनियारी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सहित देशभर से आए हजारों लोग उनके अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ पड़े, जिससे गनियारी गांव जनसैलाब में तब्दील हो गया। कला और संस्कृति के एक युग का अंत हो गया, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है।

Photo: Mehmet Turgut Kirkgoz / Pexels

तीजन बाई ने पंडवानी गायन शैली को अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाई। उनकी ओजस्वी आवाज और महाभारत की कथाओं को जीवंत करने की अद्भुत क्षमता ने उन्हें अद्वितीय कलाकार बना दिया। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्व पटल पर स्थापित किया, जिसके लिए देश-विदेश में उन्हें अनगिनत सम्मान और पुरस्कार मिले।

एक युग का अंत: तीजन बाई का योगदान

तीजन बाई का जीवन संघर्ष और साधना का प्रतीक रहा। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी कला को नहीं छोड़ा और उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। पंडवानी, जो कि मूल रूप से पुरुषों द्वारा गाई जाने वाली शैली थी, उसे उन्होंने अपनी अनूठी शैली और भावपूर्ण प्रस्तुति से महिलाओं के लिए भी सुलभ बनाया।

Photo: Mehmet Turgut Kirkgoz / Pexels

उनके निधन से छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को अपूरणीय क्षति हुई है। वे न केवल एक कलाकार थीं, बल्कि एक प्रेरणा थीं, जिन्होंने लाखों लोगों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने और अपनी संस्कृति पर गर्व करने की सीख दी। उनकी कला में भारतीय परंपराओं और नैतिक मूल्यों का गहरा प्रभाव था, जिसे उन्होंने अपनी हर प्रस्तुति में बखूबी दर्शाया।

राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई उनकी असाधारण उपलब्धियों और देश के प्रति उनके योगदान का सम्मान था। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, प्रशासनिक अधिकारी, कलाकार और बड़ी संख्या में आम जनता मौजूद थी, जिन्होंने नम आंखों से अपनी प्रिय कलाकार को अंतिम प्रणाम किया।

Photo: Mehmet Turgut Kirkgoz / Pexels

गनियारी गांव में सुबह से ही लोगों का तांता लगना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे अंतिम संस्कार का समय नजदीक आया, भीड़ बढ़ती गई और पूरा गांव शोक में डूब गया। लोगों ने तीजन बाई के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए और उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।

उनकी अनुपस्थिति छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत में एक बड़ा शून्य छोड़ गई है, जिसे भर पाना मुश्किल होगा। हालांकि, उनकी कला, उनका संगीत और उनकी प्रेरणा हमेशा जीवित रहेगी और आने वाली पीढ़ियों को पंडवानी की इस महान परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करती रहेगी।

तीजन बाई को पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण जैसे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से नवाजा गया था, जो उनकी कला और साधना के प्रति देश की कृतज्ञता को दर्शाता है। उनकी प्रत्येक प्रस्तुति दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती थी और उन्हें महाभारत के पात्रों और घटनाओं से सीधे जोड़ देती थी।

उन्होंने न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी कई देशों में अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिससे पंडवानी को वैश्विक पहचान मिली। वे एक सच्ची भारत रत्न थीं, जिन्होंने अपनी कला के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का प्रतिनिधित्व किया।

अंतिम संस्कार के दौरान, पुलिस टुकड़ी ने शस्त्र झुकाकर उन्हें सलामी दी और बैंड ने शोक धुन बजाई। यह एक भावुक क्षण था, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया। छत्तीसगढ़ सरकार ने उनके निधन पर राजकीय शोक की घोषणा की है, जो उनके प्रति गहरे सम्मान को दर्शाता है।

तीजन बाई का जीवन और उनकी कला हमें यह सिखाती है कि सच्ची लगन और समर्पण से कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान बना सकता है और अपनी संस्कृति को गौरवान्वित कर सकता है। वे हमेशा एक अमर कलाकार के रूप में याद की जाएंगी।

उनके निधन से छत्तीसगढ़ की लोक कला परंपरा को एक गहरा आघात लगा है। हालांकि, उनके द्वारा स्थापित मानक और उनके शिष्य उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उम्मीद है कि उनकी प्रेरणा से पंडवानी की यह अद्वितीय कला हमेशा जीवंत रहेगी।

गनियारी में उमड़े जनसैलाब ने यह साबित कर दिया कि तीजन बाई केवल एक कलाकार नहीं थीं, बल्कि वे छत्तीसगढ़ के जनमानस के हृदय में बसी थीं। उनकी सादगी, उनकी विनम्रता और उनकी कला के प्रति उनका अगाध प्रेम उन्हें और भी महान बनाता था।

हमेशा मुस्कुराने वाली और अपनी कला से सबको मंत्रमुग्ध कर देने वाली तीजन बाई आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें और उनका संगीत हमेशा हमारे साथ रहेगा। उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि।

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Staff Reporter at VG Khabar.

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