रायपुर। राजधानी रायपुर में संपत्तिकर (प्रॉपर्टी टैक्स) बकाया रखने वाले लोगों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम ने नोटिस के बावजूद टैक्स जमा नहीं करने वाले कई संपत्ति मालिकों के परिसरों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई खास तौर पर वीर सावरकर नगर और नेहरू वार्ड में की गई, जहां लंबे समय से संपत्तिकर बकाया था।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में राजस्व बढ़ाने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संपत्तिकर वसूली बेहद जरूरी है। इसी कारण बकाया टैक्स नहीं चुकाने वालों के खिलाफ अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
नोटिस के बाद भी नहीं भरा टैक्स
नगर निगम ने पहले बकायादारों को नोटिस जारी कर टैक्स जमा करने के लिए समय दिया था। इसके बावजूद कई संपत्ति मालिकों ने टैक्स जमा नहीं किया।
अधिकारियों के अनुसार, बार-बार चेतावनी के बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ, तब निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित परिसरों को सील करने की कार्रवाई की।
इस दौरान निगम अधिकारियों के साथ राजस्व विभाग की टीम भी मौजूद रही।
वीर सावरकर नगर और नेहरू वार्ड में कार्रवाई
नगर निगम की टीम ने विशेष अभियान चलाते हुए वीर सावरकर नगर और नेहरू वार्ड में बकायादारों की पहचान की।
यहां कई व्यावसायिक और आवासीय परिसरों पर संपत्तिकर लंबे समय से बकाया था। निगम अधिकारियों ने संबंधित संपत्तियों पर पहुंचकर सीलिंग की कार्रवाई की और मालिकों को जल्द से जल्द बकाया राशि जमा करने के निर्देश दिए।
निगम का विशेष अभियान जारी
नगर निगम ने संपत्तिकर वसूली के लिए शहरभर में विशेष अभियान शुरू किया है।
अधिकारियों के अनुसार, शहर में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन पर संपत्तिकर की बकाया राशि है। निगम ने ऐसे सभी मामलों की सूची तैयार की है और चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है।
इस अभियान के तहत पहले नोटिस, फिर चेतावनी और उसके बाद सीलिंग जैसी कार्रवाई की जा रही है।
राजस्व बढ़ाने की कोशिश
नगर निगम का कहना है कि संपत्तिकर से मिलने वाला राजस्व शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण होता है।
इस राजस्व का उपयोग सड़क निर्माण, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, जल आपूर्ति और अन्य बुनियादी सेवाओं के लिए किया जाता है।
अगर लोग समय पर टैक्स जमा नहीं करते हैं, तो इससे शहर के विकास कार्यों पर भी असर पड़ सकता है।
समय पर टैक्स जमा करने की अपील
नगर निगम ने सभी संपत्ति मालिकों से अपील की है कि वे समय पर संपत्तिकर जमा करें।
अधिकारियों का कहना है कि टैक्स जमा करने की प्रक्रिया अब पहले से अधिक आसान कर दी गई है। नागरिक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भुगतान कर सकते हैं।
समय पर टैक्स जमा करने से लोगों को दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सकता है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
अगर बकायादारों ने जल्द ही टैक्स जमा नहीं किया, तो उनके खिलाफ सीलिंग, जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
निगम का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि लोगों को समय पर टैक्स भुगतान के लिए जागरूक करना भी है।