Sat, 18 Apr 2026 Chhattisgarh Edition
Breaking
Sat, 18 Apr 2026
Advertisement
Chhattisgarh

सॉलिड वेस्ट नियमों पर उठे गंभीर सवाल

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर सवाल, न घरों में डिब्बे बांटे गए, न गाड़ियों में कंपार्टमेंट; 4 रंग डस्टबिन नियम टूट रहा।

Fallback voice mode (browser TTS).

Author: Simran Published: 15 Apr 2026, 5:11 PM Updated: 16 Apr 2026, 10:44 AM Views: 18
X

कचरा प्रबंधन की योजना अधूरी, स्रोत पर कचरा अलग करने की व्यवस्था फेल, शहर में बढ़ी अव्यवस्था

शहर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था कागजों में ही सीमित नजर आ रही है। न तो घर-घर डस्टबिन बांटे गए और न ही कचरा उठाने वाली गाड़ियों में अलग-अलग कंपार्टमेंट बनाए गए। इसके चलते 4 रंग के डस्टबिन का नियम पूरी तरह टूटता नजर आ रहा है। परिणामस्वरूप कचरा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है और शहर में गंदगी बढ़ने लगी है।

कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने 4 रंग के डस्टबिन का नियम लागू किया था, लेकिन जमीन पर इसकी स्थिति बेहद कमजोर है। लोग मिश्रित कचरा फेंक रहे हैं और अलग-अलग कचरा संग्रहण की व्यवस्था पूरी तरह ठप है। 🚮

4 रंग के डस्टबिन का क्या है नियम

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत चार अलग-अलग रंग के डस्टबिन का उपयोग किया जाना था।

नियम के अनुसार:

  • हरा डस्टबिन – गीला कचरा
  • नीला डस्टबिन – सूखा कचरा
  • काला डस्टबिन – घरेलू खतरनाक कचरा
  • पीला डस्टबिन – मेडिकल या विशेष कचरा

लेकिन शहर में यह व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है। अधिकांश स्थानों पर एक ही डस्टबिन में सभी प्रकार का कचरा डाला जा रहा है।

घर-घर डस्टबिन वितरण अधूरा

नगर निगम ने घर-घर डस्टबिन बांटने की योजना बनाई थी, लेकिन कई क्षेत्रों में अभी तक डस्टबिन वितरित नहीं किए गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है:

  • डस्टबिन नहीं मिलने से अलग कचरा करना मुश्किल
  • जागरूकता की कमी
  • निगम की योजना अधूरी

इस कारण लोग पुराने तरीके से ही कचरा फेंकने को मजबूर हैं।

कचरा गाड़ियों में नहीं बनाए गए कंपार्टमेंट

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत कचरा गाड़ियों में अलग-अलग कंपार्टमेंट बनाए जाने थे, ताकि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखा जा सके।

लेकिन स्थिति यह है कि:

  • ज्यादातर गाड़ियों में एक ही डिब्बा
  • अलग कचरा भी मिलाया जा रहा
  • स्रोत पर अलग करने का फायदा खत्म

इससे पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

स्वच्छता अभियान पर असर

यह व्यवस्था Swachh Bharat Mission के तहत लागू की जानी थी। लेकिन अधूरी तैयारी के कारण इसका असर सीमित रह गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि स्रोत पर कचरा अलग करना सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का सबसे अहम हिस्सा है। यदि यही व्यवस्था सही नहीं होगी तो पूरा सिस्टम प्रभावित होगा।

शहर में बढ़ रही गंदगी

कचरा अलग-अलग नहीं होने से शहर में गंदगी बढ़ने लगी है।

प्रमुख समस्याएं:

  • डंपिंग यार्ड पर दबाव
  • बदबू की समस्या
  • पर्यावरण प्रदूषण
  • बीमारियों का खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि कचरा अलग नहीं होने से रिसाइक्लिंग प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।

नागरिकों की शिकायत

शहर के लोगों ने नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बिना तैयारी के नियम लागू किए गए हैं।

नागरिकों की मांग:

  • घर-घर डस्टबिन वितरण
  • गाड़ियों में अलग कंपार्टमेंट
  • नियमित निगरानी
  • जागरूकता अभियान

लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस पर जल्द ध्यान देना चाहिए।

निगम की दलील

नगर निगम का कहना है कि योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।

निगम के अनुसार:

  • जल्द डस्टबिन वितरण पूरा होगा
  • नई गाड़ियां शामिल की जाएंगी
  • जागरूकता अभियान चलाया जाएगा

हालांकि फिलहाल जमीन पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है।

पर्यावरण विशेषज्ञों की राय

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट शहर के लिए बेहद जरूरी है।

उनके अनुसार:

  • कचरा अलग करना जरूरी
  • रिसाइक्लिंग बढ़ानी होगी
  • डंपिंग कम करनी होगी

यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ सकता है। 🌍

जागरूकता की भी कमी

कई स्थानों पर लोगों में जागरूकता की कमी भी देखी जा रही है।

  • लोग कचरा अलग नहीं कर रहे
  • नियमों की जानकारी नहीं
  • निगरानी की कमी

इस कारण योजना सफल नहीं हो पा रही है।

निष्कर्ष

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की योजना अधूरी रहने से 4 रंग के डस्टबिन का नियम टूटता नजर आ रहा है। घर-घर डस्टबिन वितरण और कचरा गाड़ियों में अलग कंपार्टमेंट नहीं बनने से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

यदि जल्द सुधार नहीं किया गया तो शहर में गंदगी और पर्यावरण प्रदूषण की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में प्रशासन को जल्द कदम उठाने की जरूरत है ताकि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की योजना सफल हो सके।

S

Simran

Simran is a passionate journalist who reports on politics, public policy, and social issues. Her work focuses on delivering reliable news, in-depth insights, and timely updates to readers.

Published: 275 | Total Views: 12569

View Profile