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उद्धव ठाकरे की शिवसेना से 6 सांसदों ने की बगावत, लेकिन नोटिस सिर्फ 5 को क्यों, आखिर क्या है मातोश्री का असल खेल?

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को तब झटका लगा जब पार्टी के छह सांसदों ने कथित तौर पर…

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Author: Jagraj Published: 20 Jun 2026, 2:36 AM Updated: 20 Jun 2026, 2:36 AM Views: 45
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महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को तब झटका लगा जब पार्टी के छह सांसदों ने कथित तौर पर बगावत कर दी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं और विभिन्न दलों के बीच गठबंधन व टूट की खबरें आम हो गई हैं।

Photo: David Henry / Pexels

हालांकि, इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पार्टी ने इन छह बागी सांसदों में से केवल पांच को ही कारण बताओ नोटिस जारी किया है। छठे सांसद को नोटिस न मिलने से राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मातोश्री (ठाकरे परिवार का निवास) की रणनीति क्या है और इस फैसले के पीछे क्या वजह हो सकती है?

विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। संभव है कि पार्टी किसी एक सांसद को अपने पाले में वापस लाने या फिर अन्य बागी सांसदों के बीच फूट डालने की कोशिश कर रही हो। यह भी हो सकता है कि छठे सांसद के खिलाफ पर्याप्त सबूत न हों, या फिर पार्टी उनके साथ किसी तरह की बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास कर रही हो।

इस घटना ने शिवसेना (यूबीटी) के भीतर आंतरिक कलह और नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि उद्धव ठाकरे इस चुनौती से कैसे निपटते हैं और क्या वे अपने सांसदों को एकजुट रख पाते हैं। पिछले कुछ समय से शिवसेना में लगातार टूट और बिखराव देखने को मिला है, जिससे पार्टी की स्थिति कमजोर हुई है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यह घटना आगामी चुनावों पर भी गहरा असर डाल सकती है। यदि यह बगावत और बढ़ती है, तो शिवसेना (यूबीटी) की चुनावी संभावनाओं को बड़ा झटका लग सकता है। वहीं, प्रतिद्वंद्वी दल इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।

फिलहाल, सभी की निगाहें मातोश्री पर टिकी हैं कि वे इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाते हैं और छठे सांसद को नोटिस न दिए जाने के पीछे का असली कारण क्या है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि यह राजनीतिक ड्रामा क्या मोड़ लेता है और महाराष्ट्र की राजनीति पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।

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Staff Reporter at VG Khabar.

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