RAIPUR EDITION · 02.11.2026

ज़मीन से जुड़ी पत्रकारिता।
छत्तीसगढ़ की सबसे तेज़ लोकल न्यूज़ डेस्क — तथ्य पहले, शोर बाद में।

Breaking
ताज़ा खबर: मारूति फाउंडेशन व हेरिटेज इंडिया द्वारा आयोजित ‘टैलेंट 2.0’ में दिव्यांग और सामान्य बच्चों ने बिखेरी प्रतिभा, समाजसेवियों का हुआ सम्मान ताज़ा खबर: स्वर्गीय अजय निहलानी मेमोरियल टेनिस टूर्नामेंट का समापन, मुख्य अतिथि नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव और छत्तीसगढ़ टेनिस संघ महासचिव गुरुचरण सिंह होरा ने विजेताओं क ताज़ा खबर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में जारी किया 200 रूपए का स्मारक सिक्का, संत डॉ. युधिष्ठिर लाल जी महाराज और छत्तीसगढ़ टेनिस संघ के ताज़ा खबर: बी.टी.आई. मैदान में भव्य आतिशबाजी के साथ हुआ रावण दहन, खम्हारडीह के 78वें दशहरा उत्सव में उमड़ा जनसैलाब ताज़ा खबर: माना कैंप में पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बना भव्य दुर्गा पंडाल, ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुचरण सिंह होरा ने किए मां के दर्शन, प्रदेशवासियों को दी शुभकामन ताज़ा खबर: श्री श्री श्री कांची कामाक्षी देवी माता मंदिर, सेक्टर-5 भिलाई में धूमधाम से मना शारदीय नवरात्रि महोत्सव पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डेय हुए शामिल
Mon, 2 Nov 2026
VastuGuruji.com - Authentic Vastu Products & Consultation
Politics

उद्धव ठाकरे की शिवसेना से 6 सांसदों ने की बगावत, लेकिन नोटिस सिर्फ 5 को क्यों, आखिर क्या है मातोश्री का असल खेल?

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को तब झटका लगा जब पार्टी के छह सांसदों ने कथित तौर पर…

इस खबर की वेब स्टोरी देखें
अक्षर आकार

Fallback voice mode (browser TTS).

Author: Jagraj Published: 20 Jun 2026, 2:36 AM Updated: 20 Jun 2026, 2:36 AM Views: 45
X

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को तब झटका लगा जब पार्टी के छह सांसदों ने कथित तौर पर बगावत कर दी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं और विभिन्न दलों के बीच गठबंधन व टूट की खबरें आम हो गई हैं।

Photo: David Henry / Pexels

हालांकि, इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पार्टी ने इन छह बागी सांसदों में से केवल पांच को ही कारण बताओ नोटिस जारी किया है। छठे सांसद को नोटिस न मिलने से राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मातोश्री (ठाकरे परिवार का निवास) की रणनीति क्या है और इस फैसले के पीछे क्या वजह हो सकती है?

विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। संभव है कि पार्टी किसी एक सांसद को अपने पाले में वापस लाने या फिर अन्य बागी सांसदों के बीच फूट डालने की कोशिश कर रही हो। यह भी हो सकता है कि छठे सांसद के खिलाफ पर्याप्त सबूत न हों, या फिर पार्टी उनके साथ किसी तरह की बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास कर रही हो।

इस घटना ने शिवसेना (यूबीटी) के भीतर आंतरिक कलह और नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि उद्धव ठाकरे इस चुनौती से कैसे निपटते हैं और क्या वे अपने सांसदों को एकजुट रख पाते हैं। पिछले कुछ समय से शिवसेना में लगातार टूट और बिखराव देखने को मिला है, जिससे पार्टी की स्थिति कमजोर हुई है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यह घटना आगामी चुनावों पर भी गहरा असर डाल सकती है। यदि यह बगावत और बढ़ती है, तो शिवसेना (यूबीटी) की चुनावी संभावनाओं को बड़ा झटका लग सकता है। वहीं, प्रतिद्वंद्वी दल इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।

फिलहाल, सभी की निगाहें मातोश्री पर टिकी हैं कि वे इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाते हैं और छठे सांसद को नोटिस न दिए जाने के पीछे का असली कारण क्या है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि यह राजनीतिक ड्रामा क्या मोड़ लेता है और महाराष्ट्र की राजनीति पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।

Sponsored · VastuGuruji

ख़रीदें — आपके लिए चुनिंदा वास्तु उपाय

J

Jagraj

Staff Reporter at VG Khabar.

Published: 432 | Total Views: 25538

View Profile