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मुख्यमंत्री निवास में उमड़ा मातृशक्ति का सैलाब, विष्णु भैया के घर बहनों ने मनाया तीजा-पोरा तिहार

रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निवास पर तीजा-पोरा तिहार धूमधाम से मनाया गया। सीएम ने इसे बहनों का मायका बताया और सुपोषण अभियान की शुरुआत की।

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Author: Dipti Published: 13 Sep 2026, 3:08 PM Updated: 13 Sep 2026, 8:59 PM Views: 2
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रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास गुरुवार को छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और मातृशक्ति के उल्लास का केंद्र बन गया। तीजा-पोरा तिहार के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आवास किसी राजभवन की तरह नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी गांव के एक आत्मीय मायके की तरह सजा हुआ था। प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचीं हजारों माताओं, बहनों और बेटियों का स्वागत पारंपरिक वाद्य यंत्रों और मंगल गीतों के साथ किया गया। पूरे परिसर को बैलगाड़ी, नंदिया-बइला और लोक शिल्प से सजाया गया था, जिसने ग्रामीण परिवेश की जीवंतता को मुख्यमंत्री निवास के आंगन में उतार दिया। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच प्रदेशभर से आईं बहनों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी परंपराओं का उत्सव मनाया।

मुख्यमंत्री निवास में उमड़ा मातृशक्ति का सैलाब, विष्णु भैया के घर बहनों ने मनाया तीजा-पोरा तिहार

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बहनों का अभिनंदन करते हुए भावुक संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी में यह परंपरा रची-बसी है कि बेटियां तीजा के समय अपने मायके आती हैं। आज मेरा यह घर आप सभी बहनों के लिए मायका है और एक भाई के नाते आपका यहां आना मेरे लिए परम सौभाग्य और आनंद की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजा-पोरा केवल त्योहार नहीं, बल्कि हमारी जड़ों, खेती-किसानी और पारिवारिक रिश्तों को मजबूती देने वाला एक जीवंत उत्सव है। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय संबोधन के बाद पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और बहनों ने अपने 'विष्णु भैया' के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम की शुरुआत आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ हुई, जब मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि तीजा का व्रत माता पार्वती के अटूट संकल्प और तपस्या का प्रतीक है। जिस प्रकार माता पार्वती ने शिव को प्राप्त करने के लिए कठोर साधना की, उसी प्रकार हमारी माताएं-बहनें भी अपने परिवार और समाज के कल्याण के लिए समर्पित रहती हैं। उन्होंने पोरा पर्व को छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति और पशुधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम बताया। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की माताओं-बहनों के अखंड सौभाग्य की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री निवास में उमड़ा मातृशक्ति का सैलाब, विष्णु भैया के घर बहनों ने मनाया तीजा-पोरा तिहार

उत्सव के उल्लास के बीच मुख्यमंत्री ने सामाजिक सरोकारों को भी प्राथमिकता दी। उन्होंने प्रदेशव्यापी ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने अभियान के लोगो का विमोचन किया और सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को सुपोषण की शपथ दिलाई और मुनगा के पोषक गुणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के लिए कुपोषण को जड़ से मिटाना आवश्यक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि अपने घरों में मुनगा लगाएं और इसके पोषण गुणों को जन-जन तक पहुंचाएं ताकि सुपोषित छत्तीसगढ़ का संकल्प साकार हो सके।

मुख्यमंत्री निवास में उमड़ा मातृशक्ति का सैलाब, विष्णु भैया के घर बहनों ने मनाया तीजा-पोरा तिहार

एक भावुक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने नन्हे बच्चों को अपने हाथों से खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार संपन्न किया। उन्होंने बच्चों को स्नेह देते हुए उनके स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। इस दौरान उन्होंने माताओं से चर्चा कर बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य की सरकारें बच्चों और महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कटिबद्ध हैं। 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलने वाले पोषण माह के दौरान प्रदेशभर में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिससे संतुलित आहार के प्रति चेतना आएगी। अन्नप्राशन के इस कार्यक्रम ने तीजा-पोरा के पारंपरिक उत्सव को एक आधुनिक स्वास्थ्य चेतना के साथ जोड़ दिया।

आर्थिक सशक्तिकरण की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अब तक 31 किस्तों के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक बहनों के खातों में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की महिलाएं केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि 13.50 लाख से अधिक बहनें लखपति दीदी बनकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। ड्रोन दीदी से लेकर रानी मिस्त्री तक, हर क्षेत्र में मातृशक्ति अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। मुख्यमंत्री ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ की उन बहनों की भी सराहना की जिन्होंने महतारी वंदन की राशि जोड़कर मंदिर बनाने का संकल्प लिया है।

मुख्यमंत्री निवास में उमड़ा मातृशक्ति का सैलाब, विष्णु भैया के घर बहनों ने मनाया तीजा-पोरा तिहार

मुख्यमंत्री निवास का प्रांगण खेलों और लोक कलाओं के रंग में सराबोर रहा। महिलाओं ने फुगड़ी, रस्साकशी, कुर्सी दौड़ और मेहंदी जैसी प्रतियोगिताओं में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। परिसर में लगे झूलों पर पींगें बढ़ाते हुए बहनों ने तीजा के पारंपरिक उल्लास को महसूस किया। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी इस अवसर पर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और कहा कि तीजा हमारी समृद्ध परंपराओं का पर्व है। कार्यक्रम में विभिन्न मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में माताओं-बहनों की उपस्थिति रही। अंततः यह भव्य आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और महिला सशक्तिकरण के एक अनूठे संगम के रूप में संपन्न हुआ।

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Dipti

Staff Reporter at VG Khabar.

Published: 17 | Total Views: 126