भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार अंतरिक्ष विभाग ने 14 जुलाई को एक आंतरिक मेमो जारी किया, जिसमें कहा गया कि वैज्ञानिक और तकनीकी कर्मचारियों के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) और इस्तीफे रूटीन तरीके से स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
क्या है वजह
- गगनयान समेत कई अहम मिशनों से जुड़े लोगों के इस्तीफे बढ़ने की खबरें
- प्रतिभा पलायन रोकने के लिए यह कदम बताया जा रहा है
स्टाफ की स्थिति
रिपोर्ट्स के मुताबिक संसद के फरवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार इसरो के विज्ञान-तकनीक क्षेत्र में स्वीकृत 14,108 पदों में से करीब 12,472 भरे हुए हैं और सरकार 1,636 खाली पद भरने पर काम कर रही है।









