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पांच मौसमी प्रणालियों के कारण मानसून की प्रगति बाधित: 19 राज्यों में देरी की आशंका

भारत में मानसून की प्रगति वर्तमान में पांच अलग-अलग मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण बाधित हो रही है।

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Author: Jagraj Published: 20 Jun 2026, 2:36 AM Updated: 20 Jun 2026, 2:36 AM Views: 61
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भारत में मानसून की प्रगति वर्तमान में पांच अलग-अलग मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण बाधित हो रही है। इन प्रणालियों के चलते अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाएं आंतरिक क्षेत्रों की ओर बढ़ने में असमर्थ हैं, जिससे देश के बड़े हिस्से में मानसून के आगमन में महत्वपूर्ण देरी हो रही है।

Photo: Sidhvil Gupta / Pexels

मौसम विभाग के अनुसार, इन पांच प्रणालियों में से कुछ उच्च दबाव वाले क्षेत्र हैं जो नमी को आगे बढ़ने से रोक रहे हैं, जबकि अन्य वायुमंडलीय परिसंचरण पैटर्न हैं जो मानसून की सामान्य धारा को बाधित कर रहे हैं। इस जटिल स्थिति के परिणामस्वरूप, मानसून अपनी सामान्य गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर इस समय तक मानसून देश के एक बड़े हिस्से को कवर कर लेता है, लेकिन इस वर्ष की असामान्य स्थिति ने इसकी प्रगति को धीमा कर दिया है। यह स्थिति कृषि और जल संसाधनों के लिए चिंता का विषय बन सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जो वर्षा पर अत्यधिक निर्भर हैं।

वर्तमान अनुमानों के मुताबिक, देश के कम से कम 19 राज्यों में मानसून के आगमन में देरी का सामना करना पड़ सकता है। इन राज्यों में कृषि गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं, और किसानों को अपनी बुवाई की योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है।

मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इन प्रणालियों में बदलाव आने पर मानसून फिर से गति पकड़ेगा। हालांकि, तब तक, देश के कई हिस्सों को गर्मी और शुष्क मौसम का सामना करना पड़ सकता है।

सरकार और संबंधित एजेंसियां संभावित प्रभावों को कम करने के लिए तैयारी कर रही हैं। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम विभाग की नवीनतम जानकारी के आधार पर अपनी कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं।

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Staff Reporter at VG Khabar.

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