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रायपुर में एंटी रैबीज वैक्सीन की कमी

रायपुर में एंटी रैबीज वैक्सीन की कमी से मरीज परेशान; पूरा डोज नहीं मिलने पर संक्रमण और मौत का खतरा बढ़ा।

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Author: Simran Published: 21 Apr 2026, 3:56 PM Updated: 21 Apr 2026, 4:15 PM Views: 9
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कुत्तों के काटने के मामलों में बढ़ोतरी, अस्पतालों में वैक्सीन की कमी से बढ़ी चिंता

रायपुर में एंटी रैबीज वैक्सीन की किल्लत ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शहर के सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन की कमी के कारण मरीजों को पूरा डोज नहीं मिल पा रहा है। वहीं, कुत्तों के काटने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के चलते मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।

डॉक्टरों का कहना है कि रेबीज जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए समय पर पूरा टीकाकरण जरूरी है। लेकिन वैक्सीन की कमी के कारण कई मरीजों को निजी अस्पतालों या मेडिकल स्टोर का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। ⚠️

सरकारी अस्पतालों में खत्म हो रही वैक्सीन

शहर के कई सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन का स्टॉक खत्म होने की स्थिति में पहुंच गया है। मरीजों को बताया जा रहा है कि नई सप्लाई आने तक इंतजार करें या बाहर से वैक्सीन खरीदें।

स्थिति की मुख्य बातें:

  • सरकारी अस्पतालों में सीमित स्टॉक
  • रोजाना बढ़ रहे मरीज
  • डोज के लिए लंबा इंतजार

इस वजह से मरीजों और उनके परिजनों में चिंता बढ़ रही है।

कुत्तों के काटने के मामलों में बढ़ोतरी

रायपुर नगर निगम के अनुसार शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने के कारण काटने की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हुई है। रोजाना दर्जनों लोग अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन के लिए पहुंच रहे हैं।

स्थिति:

  • रोजाना बढ़ रहे मामले
  • बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा खतरा
  • तत्काल इलाज की जरूरत

इससे स्वास्थ्य विभाग पर दबाव बढ़ गया है।

पूरा डोज नहीं मिलने से बढ़ा खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, एंटी रैबीज वैक्सीन का पूरा डोज लेना जरूरी होता है। अगर मरीज बीच में टीका नहीं लगवा पाता, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

डोज प्रक्रिया:

  • पहला टीका तुरंत
  • निर्धारित समय पर अगली खुराक
  • पूरा कोर्स जरूरी

इस प्रक्रिया में देरी या अधूरा टीकाकरण गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। 🏥

निजी अस्पतालों में बढ़ी भीड़

सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन की कमी के कारण मरीज निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। लेकिन वहां वैक्सीन की कीमत ज्यादा होने से आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

स्थिति:

  • निजी अस्पतालों में महंगी वैक्सीन
  • गरीब मरीजों की परेशानी
  • सीमित उपलब्धता

इससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने मंगाई नई खेप

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि वैक्सीन की नई खेप मंगाई गई है और जल्द ही अस्पतालों में उपलब्ध करा दी जाएगी।

विभाग के अनुसार:

  • सप्लाई प्रक्रिया जारी
  • जल्द पहुंचेगी वैक्सीन
  • मरीजों को राहत मिलेगी

हालांकि, तब तक मरीजों को इंतजार करना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

डॉक्टरों ने कहा है कि कुत्ते के काटने के बाद लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। तुरंत अस्पताल जाकर इलाज कराना जरूरी है।

डॉक्टरों के सुझाव:

  • घाव को तुरंत साफ करें
  • तुरंत अस्पताल जाएं
  • पूरा टीकाकरण कराएं

इससे संक्रमण से बचाव किया जा सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में और गंभीर स्थिति

शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर बताई जा रही है। वहां वैक्सीन की उपलब्धता सीमित है और मरीजों को शहर आना पड़ रहा है।

ग्रामीण समस्या:

  • वैक्सीन की कमी
  • अस्पतालों की दूरी
  • जानकारी की कमी

इससे जोखिम बढ़ रहा है।

आवारा कुत्तों पर नियंत्रण की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण जरूरी है। इसके लिए नसबंदी और टीकाकरण अभियान चलाने की जरूरत है।

समाधान:

  • नसबंदी अभियान
  • टीकाकरण कार्यक्रम
  • जागरूकता अभियान

इससे मामलों में कमी लाई जा सकती है। 🐕

नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील

प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर बच्चों को आवारा कुत्तों से दूर रखने की सलाह दी गई है।

सावधानियां:

  • बच्चों पर नजर रखें
  • कुत्तों से दूरी रखें
  • काटने पर तुरंत इलाज

इससे जोखिम कम किया जा सकता है।

निष्कर्ष

रायपुर में एंटी रैबीज वैक्सीन की किल्लत ने मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। कुत्तों के काटने के बढ़ते मामलों और वैक्सीन की कमी ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। पूरा डोज नहीं मिलने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने जल्द वैक्सीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है, लेकिन तब तक लोगों को सावधानी बरतने और समय पर इलाज कराने की जरूरत है।

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Simran

Simran is a passionate journalist who reports on politics, public policy, and social issues. Her work focuses on delivering reliable news, in-depth insights, and timely updates to readers.

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