RAIPUR EDITION · 21.07.2026

ज़मीन से जुड़ी पत्रकारिता।
छत्तीसगढ़ की सबसे तेज़ लोकल न्यूज़ डेस्क — तथ्य पहले, शोर बाद में।

Breaking
क्रिस्टोफर नोलन की "द ओडिसी" सिनेमाघरों में, भारत में भी बॉक्स ऑफिस पर टक्कर लीबिया और चीन में बैंकिंग सहयोग: भुगतान प्रणाली से जुड़ेंगे लीबियाई बैंक इराक और सीरिया में समझौता: कच्चे तेल की पाइपलाइन फिर से शुरू करने पर सहमति ब्रिटेन को नया प्रधानमंत्री: एंडी बर्नहम ने कीर स्टार्मर की जगह ली यूक्रेन पर रूस का बड़ा हमला: रातभर में 41 मिसाइलें और 125 ड्रोन दागे होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईयू और जीसीसी सख्त: किसी भी देश के "संप्रभुता दावे" को बताया अवैध
Tue, 21 Jul 2026
VastuGuruji.com - Authentic Vastu Products & Consultation
India States

दिल्ली-NCR में बारिश तो मुंबई में रेड अलर्ट: देश के कई हिस्सों में आज मौसम का मिजाज

देश के कई हिस्सों में शनिवार को मौसम का मिजाज काफी बदला-बदला नजर आ रहा है। उत्तर भारत जहां मानसूनी फुहारों से तरबतर हो रहा है, वहीं पश्चि...

इस खबर की वेब स्टोरी देखें
अक्षर आकार

Fallback voice mode (browser TTS).

Author: Jagraj Published: 5 Jul 2026, 8:47 PM Views: 0
X

देश के कई हिस्सों में शनिवार को मौसम का मिजाज काफी बदला-बदला नजर आ रहा है। उत्तर भारत जहां मानसूनी फुहारों से तरबतर हो रहा है, वहीं पश्चिमी तट पर भारी बारिश का दौर जारी है। दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में यह बारिश किसानों के लिए भी शुभ संकेत लेकर आई है, जो खरीफ की बुवाई के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

Photo: Ayush Pandit / Pexels

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों के लिए अगले कुछ घंटों में और बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, मानसून की सक्रियता के कारण यह स्थिति बनी हुई है। बारिश के कारण सुबह के समय सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात कुछ धीमा रहा, लेकिन कामकाजी लोग इस सुहाने मौसम का लुत्फ उठाते भी दिखे। तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई है।

वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में स्थिति थोड़ी अलग है। IMD ने मुंबई और उसके आसपास के तटीय इलाकों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इसका मतलब है कि इन क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तरह से मुस्तैद हैं।

Photo: Bibhukalyan Acharya / Pexels

मुंबई में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही बारिश ने कई इलाकों में पानी भर दिया है। लोकल ट्रेन सेवाएं, जो मुंबई की जीवनरेखा हैं, कुछ देरी से चल रही हैं, हालांकि अभी तक किसी बड़े व्यवधान की खबर नहीं है। महाराष्ट्र सरकार ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी है और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है। स्कूल और कॉलेज भी आज बंद रहने की घोषणा की जा सकती है।

मध्य भारत में भी मानसून की अच्छी सक्रियता देखने को मिल रही है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है। इन राज्यों में भी किसानों के चेहरे पर खुशी देखी जा रही है, क्योंकि यह बारिश उनकी फसलों के लिए अमृत समान है। हालांकि, कुछ ग्रामीण इलाकों में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा भी बना हुआ है।

Photo: Shantum Singh / Pexels

पूर्वी भारत में, बिहार और झारखंड के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में भी मानसून का प्रभाव देखा जा रहा है, जहां अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून अपने पूरे शबाब पर है, जहां असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

पहाड़ी राज्यों, विशेषकर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी मानसून की सक्रियता बनी हुई है। इन राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की घटनाओं का खतरा बना रहता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और निवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने को कहा गया है।

कुल मिलाकर, देश के एक बड़े हिस्से में मानसून का आगमन और उसकी सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात संबंधी चुनौतियां भी पैदा कर रही है। IMD ने अगले कुछ दिनों तक देश के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह के मौसम की स्थिति बने रहने का अनुमान लगाया है।

मानसून की सक्रियता और कृषि पर प्रभाव

इस साल मानसून की शुरुआत अच्छी मानी जा रही है, खासकर उत्तर और मध्य भारत में। दिल्ली-एनसीआर में हुई बारिश खरीफ की फसलों, जैसे धान, मक्का और बाजरा की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रही है। किसानों को उम्मीद है कि अच्छी बारिश से इस साल बेहतर पैदावार होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

हालांकि, मुंबई और पश्चिमी तट पर अत्यधिक बारिश चिंता का विषय बनी हुई है। भारी बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है और शहरी क्षेत्रों में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। सरकार और कृषि विशेषज्ञ लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए हैं और किसानों को आवश्यक सलाह दे रहे हैं।

यातायात और जनजीवन पर असर

दिल्ली-एनसीआर में बारिश से तापमान गिरने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात धीमा हुआ है। वहीं, मुंबई में रेड अलर्ट के कारण सार्वजनिक परिवहन पर बड़ा असर पड़ सकता है। लोकल ट्रेनें और बसें देरी से चल सकती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य ले लें। साथ ही, बिजली के खंभों और गिरे हुए पेड़ों से दूर रहने की सलाह भी दी गई है। आपदा प्रबंधन टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों तक यह स्थिति बनी रह सकती है। लोगों को सतर्क रहने और सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

Sponsored · VastuGuruji

ख़रीदें — आपके लिए चुनिंदा वास्तु उपाय

J

Jagraj

Staff Reporter at VG Khabar.

Published: 432 | Total Views: 24705

View Profile