मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक में इस साल देरी देखने को मिल रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में मानसून अपने सामान्य समय से लगभग 10 दिन पीछे चल रहा है, जिससे किसानों और आम जनता में चिंता बढ़ गई है।
Photo: Siddique Sk / PexelsIMD ने बताया है कि मानसून अब अगले कुछ दिनों में राज्य में प्रवेश कर सकता है। हालांकि, इसकी सटीक तारीख अभी स्पष्ट नहीं की गई है, लेकिन मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि जून के अंत तक या जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून पूरे राज्य को कवर कर लेगा।
मानसून की देरी के कारण राज्य के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। लोग बेसब्री से बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि गर्मी से राहत मिल सके और कृषि गतिविधियों को गति मिल सके।
इसी बीच, IMD ने आज राज्य के कई जिलों के लिए आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। यह प्री-मानसून गतिविधियां मानी जा रही हैं, जो मानसून के आगमन से पहले मौसम में बदलाव ला सकती हैं।
जिन जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है, उनमें मध्य और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। बिजली गिरने और तेज हवाओं से होने वाले नुकसान से बचने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्री-मानसून बारिश भले ही थोड़ी राहत दे, लेकिन असली राहत और कृषि के लिए पर्याप्त पानी मानसून की नियमित बारिश से ही मिलेगा। राज्य सरकार और कृषि विभाग भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।