राजस्थान में छोटे और सीमांत किसानों को राहत देने के लिए सरकारी योजनाओं पर ज़ोर दिया जा रहा है। बीज, खाद, सिंचाई और फ़सल से जुड़ी सहायता के ज़रिए किसानों की लागत कम करने और आमदनी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
Photo: kailash kumar / Pexelsअधिकारियों के अनुसार, पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। ग्रामीण इलाक़ों में जागरूकता शिविर भी लगाए जा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि समय पर मिलने वाली मदद से खेती की योजना बनाने में आसानी होती है। कई किसानों ने प्रक्रिया को और सरल बनाने तथा भुगतान समय पर करने की माँग रखी।
राज्य में कृषि पर बड़ी आबादी निर्भर है। सरकार का कहना है कि छोटे किसानों को आत्मनिर्भर बनाना प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।