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रामलला के आभूषण गलाकर बनवाए 'सोने के बिस्कुट'? चढ़ावा चोरी मामले में गहराया SIT का शक

अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से ही रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। इस दौरान मंदिर में बड़ी मात्रा में ...

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Author: Jagraj Published: 4 Jul 2026, 4:17 PM Updated: 5 Jul 2026, 12:09 AM Views: 7
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अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से ही रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। इस दौरान मंदिर में बड़ी मात्रा में चढ़ावा भी आ रहा है, जिसमें सोने-चांदी के आभूषण और नकदी शामिल है। हालांकि, हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी के एक मामले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है और अब इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) का शक और गहरा गया है।

Photo: Kunal Lakhotia / Pexels

शुरुआती जांच में चढ़ावे के आभूषणों के गायब होने की बात सामने आई थी, लेकिन अब SIT को इस बात का संदेह है कि गायब हुए आभूषणों को पिघलाकर सोने के बिस्कुट में बदला गया है। यह आरोप बहुत गंभीर है और अगर यह सच साबित होता है, तो इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।

SIT इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और हर पहलू को खंगाल रही है। टीम मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है, कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है और उन सभी संभावित रास्तों की पड़ताल कर रही है जिनसे आभूषणों को बाहर ले जाया जा सकता था।

Photo: Kunal Lakhotia / Pexels

जांच दल का मानना है कि यह कोई सामान्य चोरी का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है। आभूषणों को पिघलाकर बिस्कुट में बदलने का कृत्य एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करता है, जिसे अंजाम देने के लिए विशेषज्ञता और उपकरणों की आवश्यकता होती है।

इस घटना ने मंदिर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में कीमती आभूषणों का गायब होना और उन्हें संभवतः पिघलाया जाना, सुरक्षा प्रोटोकॉल में गंभीर खामियों को उजागर करता है।

Photo: viresh studio / Pexels

SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अपराध में कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं, चाहे वे मंदिर के अंदर के लोग हों या बाहर के। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस घटना में किसी बड़े रैकेट का हाथ है जो धार्मिक स्थलों से चढ़ावे की चोरी में लिप्त है।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने SIT को जल्द से जल्द सच्चाई का पता लगाने और दोषियों को पकड़ने के निर्देश दिए हैं। जनता की भावनाएं इस मामले से जुड़ी हुई हैं, और पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मंदिर के पुजारियों और ट्रस्ट के सदस्यों ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है और जांच में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है। उनका कहना है कि रामलला के प्रति भक्तों की आस्था को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए।

सोने के बिस्कुट में बदलने की आशंका ने मामले को और जटिल बना दिया है, क्योंकि इससे सबूतों को नष्ट करने का प्रयास भी स्पष्ट होता है। SIT अब उन स्थानों और व्यक्तियों की भी जांच कर रही है जो अवैध रूप से सोना खरीदने या पिघलाने के कारोबार में शामिल हो सकते हैं।

यह मामला न केवल अयोध्या बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे की सुरक्षा हमेशा से एक चुनौती रही है, और यह घटना इस मुद्दे को फिर से सुर्खियों में ले आई है।

SIT की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, उम्मीद है कि इस रहस्य से पर्दा उठेगा और सच्चाई सामने आएगी। इस मामले में शामिल सभी अपराधियों को कानून के कटघरे में खड़ा करना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और भक्तों का विश्वास बना रहे।

फिलहाल, जांच जारी है और अधिकारी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी सबूतों को ध्यान से देख रहे हैं। यह देखना होगा कि SIT इस जटिल मामले की गुत्थी को कैसे सुलझाती है और रामलला के गायब हुए आभूषणों का क्या होता है।

जांच का दायरा और सुरक्षा चुनौतियां

SIT ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है, जिसमें मंदिर परिसर के भीतर और बाहर दोनों जगह के संभावित संदिग्ध शामिल हैं। यह पता लगाना एक बड़ी चुनौती है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद कीमती आभूषणों को कैसे हटाया गया और फिर उन्हें कैसे संसाधित किया गया। सुरक्षा एजेंसियों को अब धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करनी होगी, खासकर उन जगहों पर जहां बड़ी मात्रा में चढ़ावा आता है।

भक्तों की आस्था पर असर

इस घटना ने भक्तों की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचाया है। रामलला के प्रति अटूट श्रद्धा रखने वाले लाखों लोग यह जानकर स्तब्ध हैं कि उनके चढ़ावे को इस तरह से चुराया और दुरुपयोग किया जा सकता है। मंदिर प्रशासन और सरकार के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे इस मामले को पूरी गंभीरता से लें और यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, ताकि भक्तों का विश्वास बना रहे।

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Jagraj

Staff Reporter at VG Khabar.

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