RAIPUR EDITION · 21.07.2026

ज़मीन से जुड़ी पत्रकारिता।
छत्तीसगढ़ की सबसे तेज़ लोकल न्यूज़ डेस्क — तथ्य पहले, शोर बाद में।

Breaking
क्रिस्टोफर नोलन की "द ओडिसी" सिनेमाघरों में, भारत में भी बॉक्स ऑफिस पर टक्कर लीबिया और चीन में बैंकिंग सहयोग: भुगतान प्रणाली से जुड़ेंगे लीबियाई बैंक इराक और सीरिया में समझौता: कच्चे तेल की पाइपलाइन फिर से शुरू करने पर सहमति ब्रिटेन को नया प्रधानमंत्री: एंडी बर्नहम ने कीर स्टार्मर की जगह ली यूक्रेन पर रूस का बड़ा हमला: रातभर में 41 मिसाइलें और 125 ड्रोन दागे होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईयू और जीसीसी सख्त: किसी भी देश के "संप्रभुता दावे" को बताया अवैध
Wed, 22 Jul 2026
VastuGuruji.com - Authentic Vastu Products & Consultation
India States

पंजाब के 18 जिलों में दूसरे दिन भी बारिश, अगले 6 दिन का अलर्ट जारी (4 जुलाई)

पंजाब के अठारह जिलों में शुक्रवार को भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

इस खबर की वेब स्टोरी देखें
अक्षर आकार

Fallback voice mode (browser TTS).

Author: Jagraj Published: 4 Jul 2026, 4:18 PM Updated: 5 Jul 2026, 3:15 PM Views: 12
X

पंजाब के अठारह जिलों में शुक्रवार को भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। राज्य के मौसम विभाग ने अगले छह दिनों के लिए भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है, जिससे प्रशासन और आम जनता दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह बारिश मानसून के सक्रिय होने का संकेत है, जो आमतौर पर जुलाई के पहले सप्ताह में अपनी पूरी तीव्रता पर होता है।

Photo: Yogendra Singh / Pexels

बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, खासकर शहरी क्षेत्रों में। सड़कों पर पानी भरने से यातायात बाधित हुआ और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विभिन्न शहरों में जल निकासी प्रणालियों पर भारी दबाव देखा गया, जिससे स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं।

लुधियाना में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, मेयर ने व्यक्तिगत रूप से मोर्चा संभाला। रात 2 बजे के करीब, उन्होंने शहर के एक महत्वपूर्ण पंपिंग स्टेशन का औचक दौरा किया। उनका यह दौरा जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन की तैयारियों और पंपिंग स्टेशनों के कामकाज का जायजा लेने के उद्देश्य से था।

Photo: Th2city Santana / Pexels

मेयर के इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय सरकार स्थिति को कितनी गंभीरता से ले रही है। उन्होंने अधिकारियों को जल निकासी सुनिश्चित करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे तैयार रहने के निर्देश दिए। यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया था और निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

चंडीगढ़, जो पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी है, में भी शुक्रवार को भारी वर्षा हुई। शहर के कई सेक्टरों और मुख्य सड़कों पर पानी जमा हो गया, जिससे सुबह के समय कार्यालय जाने वालों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चंडीगढ़ प्रशासन ने भी जलभराव से निपटने के लिए टीमें तैनात की हैं।

Photo: Nikita Korchagin / Pexels

मौसम विभाग के अनुसार, अगले छह दिनों तक पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। इस अवधि के दौरान छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा तक की उम्मीद है, जिसमें कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा भी हो सकती है।

किसानों के लिए यह बारिश मिश्रित प्रभाव लेकर आई है। जहां धान की बुवाई के लिए यह फायदेमंद है, वहीं अत्यधिक वर्षा से कुछ फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है। कृषि विभाग ने किसानों को जलभराव से बचने और अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी है।

प्रशासन ने सभी जिलों में आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी गई है। नदियों और नहरों के जलस्तर पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि बाढ़ जैसी स्थिति से बचा जा सके।

यातायात पुलिस ने भी वाहन चालकों को सावधानी बरतने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। कई स्थानों पर सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जांच करने का आग्रह किया गया है।

पिछले कुछ वर्षों में, मानसून के दौरान शहरी बाढ़ की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे शहरों की बुनियादी ढांचागत कमजोरियां उजागर हुई हैं। इस बार भी, लुधियाना और चंडीगढ़ जैसे शहरों में शुरुआती बारिश ने जल निकासी प्रणालियों की क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मानसूनी बारिश का पैटर्न बदल रहा है, जिससे कम समय में अधिक तीव्र बारिश हो रही है। इससे शहरी नियोजन और जल निकासी प्रबंधन में नई चुनौतियां पैदा हो रही हैं, जिनके लिए दीर्घकालिक समाधानों की आवश्यकता है।

आने वाले दिनों में, पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम की स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। प्रशासन और नागरिक दोनों को इस मानसूनी चुनौती का सामना करने के लिए मिलकर काम करना होगा ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके और सामान्य जनजीवन को जल्द से जल्द पटरी पर लाया जा सके।

Sponsored · VastuGuruji

ख़रीदें — आपके लिए चुनिंदा वास्तु उपाय

J

Jagraj

Staff Reporter at VG Khabar.

Published: 432 | Total Views: 24707

View Profile