RAIPUR EDITION · 17.07.2026

Journalism rooted in the ground.
Chhattisgarh's fastest local news desk — facts first, noise later.

Breaking
"द इंडिया स्टोरी" का ट्रेलर 18 जुलाई को, 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज गर्मी से बचाव: सरकार की स्वास्थ्य सलाह, हीटस्ट्रोक के खतरे और ठंडक देने वाले उपाय आरबीआई का नया नियम: गलत तरीके से प्रोडक्ट बेचने पर ग्राहकों को मिलेगा रिफंड या मुआवजा ईपीएफओ 3.0: अब यूपीआई और एटीएम से निकाल सकेंगे पीएफ का पैसा रेलवे का नया नियम: बिना टिकट यात्रा पर अब कम से कम ₹500 जुर्माना और किराया चीन: पूर्व पोलितब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई पार्टी से निष्कासित, भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
Sat, 18 Jul 2026
VastuGuruji.com - Authentic Vastu Products & Consultation
Raipur

छत्तीसगढ़ में खुलेंगे एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर

छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में ABC सेंटर खुलेंगे। आवारा कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण से संख्या नियंत्रित होगी, लोगों को राहत मिलने की उम्मीद।

View Web Story
Text size

Fallback voice mode (browser TTS).

Author: Heshma Published: 18 Apr 2026, 5:17 PM Updated: 5 Jul 2026, 11:34 AM Views: 91
X

छत्तीसगढ़ में आवारा श्वानों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के सभी 33 जिलों में एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर खोले जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इससे शहरों और गांवों में बढ़ती समस्याओं पर लगाम लगने की उम्मीद है।

33 जिलों में शुरू होंगे सेंटर

राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि हर जिले में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर आवारा श्वानों की नसबंदी और टीकाकरण किया जाएगा, जिससे उनकी संख्या को नियंत्रित किया जा सके। यह कदम लंबे समय से उठाई जा रही मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

आवारा श्वानों की समस्या पर फोकस

प्रदेश के कई शहरों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। सड़कों पर कुत्तों के झुंड, काटने की घटनाएं और ट्रैफिक में बाधा जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इन केंद्रों के शुरू होने से इन समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है।

टीकाकरण और नसबंदी पर जोर

एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटरों में कुत्तों की नसबंदी के साथ-साथ एंटी-रेबीज टीकाकरण भी किया जाएगा। इससे न केवल उनकी संख्या नियंत्रित होगी, बल्कि रेबीज जैसी बीमारियों के खतरे को भी कम किया जा सकेगा।

प्रशासन और नगर निकाय की भूमिका

इस योजना को सफल बनाने के लिए नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की अहम भूमिका होगी। वे कुत्तों को पकड़ने, उपचार कराने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर छोड़ने की प्रक्रिया को संचालित करेंगे।

लोगों को मिलेगी राहत

सरकार का मानना है कि इस पहल से आम लोगों को राहत मिलेगी और शहरों में स्वच्छता एवं सुरक्षा बेहतर होगी। साथ ही यह कदम पशु कल्याण के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Sponsored · VastuGuruji

ख़रीदें — आपके लिए चुनिंदा वास्तु उपाय

H

Heshma

Heshma is a journalist known for covering political developments, social issues, and breaking news. She is committed to delivering factual, clear, and engaging journalism for modern audiences.

Published: 199 | Total Views: 18156

View Profile