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इंदौर-महू में आंधी, उज्जैन समेत कई जिलों में बारिश: देवास में दीवार गिरने से 7 घायल, राजगढ़-शाजापुर में उपज को नुकसान

मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार देर शाम मौसम ने अचानक करवट ली, जिसके चलते इंदौर और महू में तेज आंधी चली, जबकि उज्जैन समेत कई अन्य ...

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Author: Jagraj Published: 3 Jul 2026, 4:51 PM Updated: 3 Jul 2026, 10:52 PM Views: 5
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मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार देर शाम मौसम ने अचानक करवट ली, जिसके चलते इंदौर और महू में तेज आंधी चली, जबकि उज्जैन समेत कई अन्य जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। इस अप्रत्याशित मौसम बदलाव ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया, खासकर देवास जिले में, जहां एक दीवार गिरने से सात लोग घायल हो गए।

Photo: Yash Dengre / Pexels

इंदौर और महू में आई तेज आंधी इतनी प्रबल थी कि कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत कार्यों को अंजाम देना शुरू कर दिया, लेकिन कई इलाकों में देर रात तक बिजली बहाल नहीं हो पाई थी।

उज्जैन, जो अपने धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है, वहां भी तेज बारिश हुई। बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया और निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, किसानों के लिए यह बारिश कुछ हद तक राहत लेकर आई, क्योंकि यह खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल मानी जा रही है, बशर्ते कि यह अधिक न हो।

Photo: Devansh Bose / Pexels

देवास जिले में मौसम का कहर सबसे ज्यादा देखने को मिला, जहां तेज हवाओं और बारिश के कारण एक पुरानी दीवार ढह गई। इस घटना में सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है, और प्रशासन उनकी हरसंभव मदद कर रहा है।

मौसम विभाग ने पहले ही अगले 24 घंटों के लिए कुछ जिलों में तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी जारी की थी, लेकिन आंधी की तीव्रता कई जगहों पर अनुमान से अधिक रही। यह प्री-मॉनसून गतिविधि मानी जा रही है जो अक्सर जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में देखने को मिलती है।

Photo: Utkarsh Modgil / Pexels

राजगढ़ और शाजापुर जिलों में, जहां कृषि मुख्य आजीविका है, तेज हवाओं और बारिश ने खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। खासकर शुरुआती बोई गई खरीफ फसलों को इस बदलाव से झटका लगा है। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है, क्योंकि यह उनके लिए एक बड़ी आर्थिक क्षति है।

स्थानीय कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह बारिश कुछ और दिनों तक जारी रहती है, तो यह फसलों के लिए हानिकारक हो सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। हालांकि, यदि यह सिर्फ एक अल्पकालिक घटना है, तो यह मिट्टी में नमी बढ़ाने में सहायक होगी।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली विभाग और नगर निगम की टीमें क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए लगातार काम कर रही हैं।

यह घटना एक बार फिर से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मजबूत बुनियादी ढांचे की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है, ताकि ऐसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सके। खासकर पुराने और कमजोर ढांचों की नियमित जांच और मरम्मत आवश्यक है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है, लेकिन तेज आंधी की आशंका कम है। हालांकि, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

किसानों के लिए यह समय महत्वपूर्ण है क्योंकि वे अपनी खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी कर रहे हैं। इस बारिश ने कुछ क्षेत्रों में बुवाई के लिए मिट्टी को तैयार करने में मदद की है, लेकिन साथ ही उन किसानों के लिए चिंता भी बढ़ा दी है जिनकी फसलें शुरुआती चरण में हैं।

राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की है और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करें और फसल क्षति का आकलन करें ताकि उचित मुआवजा दिया जा सके।

इस अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन ने न केवल शहरी जीवन को अस्त-व्यस्त किया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी गहरा प्रभाव डाला है, जिससे आने वाले दिनों में और अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में शुक्रवार देर शाम का मौसम बदलाव एक मिश्रित अनुभव लेकर आया - जहां कुछ क्षेत्रों में यह राहत लेकर आया, वहीं दूसरों के लिए यह विनाशकारी साबित हुआ।

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Jagraj

Staff Reporter at VG Khabar.

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